मुंबई में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। देश की आर्थिक राजधानी की सड़कों से लेकर रेलवे और हवाई सेवाओं तक सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है। लोकल ट्रेनें रुकीं, उड़ानें थमीं और कई इलाकों में सड़कें दरिया जैसी नज़र आईं।
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की सेवाएं बारिश के पानी में डूब गईं। कई रूट्स पर पानी भर जाने से ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई जगह यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने और आने वाली कई फ्लाइट्स रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं। यात्रियों को हवाई अड्डे पर भी लंबा इंतजार करना पड़ा।
शहर के अंधेरी, दादर, सायन, कुर्ला और किंग्स सर्कल जैसे प्रमुख इलाकों में बारिश का पानी घुटनों तक भर गया। गाड़ियाँ पानी में बंद हो गईं और ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। दफ्तर जाने वाले लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। कई जगह तो पानी आवासीय इलाकों और दुकानों तक पहुंच गया।
हर साल की तरह इस साल भी बीएमसी ने बारिश से पहले जलभराव से बचाव के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन शुरुआती बारिश ने ही इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी। नालों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्थाएँ नाकाफी साबित हुईं। नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा कि हर बरसात में उन्हें यही हालात झेलने पड़ते हैं।
बारिश के कारण आम जनता का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में पानी घरों तक घुस आया है। ऑफिस और कारोबार ठप हो गए हैं। स्कूल-कॉलेजों की पढ़ाई भी बाधित रही। लगातार हो रही बारिश ने शहर को लगभग ठप कर दिया है।
👉 तीन दिन की बारिश ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि मुंबई अब भी बारिश के सामने लाचार है और बुनियादी ढांचा थोड़ी सी तेज बरसात में ही चरमरा जाता है।