मीका सिंह बोले – "मैं किसान का बेटा हूं, फिजूलखर्ची नहीं करता, 99 घर और 100 एकड़ जमीन बनाई"

मीका सिंह बोले – "मैं किसान का बेटा हूं, फिजूलखर्ची नहीं करता, 99 घर और 100 एकड़ जमीन बनाई"

नई दिल्ली। बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक-रैपर मीका सिंह अपने ऊर्जावान गानों और मंच पर बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनकी शोहरत इतनी है कि लोग अक्सर मान लेते हैं कि वह बेहद ऐशो-आराम और फिजूलखर्ची वाली जिंदगी जीते होंगे। लेकिन हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में मीका सिंह ने इन धारणाओं को गलत साबित करते हुए अपनी जिंदगी और सोच के बारे में खुलकर बात की।


99 घर और 100 एकड़ खेत

मीका सिंह ने खुलासा किया कि आज उनके पास देशभर में 99 घर और करीब 100 एकड़ खेती की जमीन है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दशकों से वह लगातार अपनी कमाई को जायदाद और जमीन में लगाते रहे हैं। उनके अनुसार, संपत्ति ही व्यक्ति को जीवनभर सुरक्षा देती है।


दादा से मिली सीख, पैसों का सही उपयोग

मीका ने अपनी परवरिश का ज़िक्र करते हुए बताया कि उनका परिवार किसान पृष्ठभूमि से है। उनके दादा ने उन्हें और उनके भाइयों को हमेशा यह सिखाया कि पैसों को बर्बाद करने के बजाय जमीन खरीदना सबसे बेहतर सौदा होता है। इसी सीख ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया और उन्होंने कभी भी बिना सोचे-समझे फिजूलखर्ची नहीं की।


आलोचना और लोगों की धारणा

मीका सिंह ने कहा कि जहां बहुत से लोग उनकी समझदारी की सराहना करते हैं, वहीं कुछ लोग उन्हें अविवाहित होकर इतनी बड़ी संपत्ति संभालने के लिए आलोचना भी करते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों को लगता है कि मैं 20 लड़कियों के साथ नाचता हूं और पैसों की बारिश करता हूं, लेकिन असल में मैं किसान का बेटा हूं। मैंने हमेशा जमीन और घर बनाने पर ध्यान दिया है।”


विलासिता से दूरी, निवेश को प्राथमिकता

मीका ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी ब्रांडेड चीज़ों और निजी विमानों जैसी विलासिता पर खर्च नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने हमेशा पैसों को बचाकर लंबे समय तक टिकने वाली संपत्ति बनाई। उनका मानना है कि जायदाद इंसान के भविष्य की गारंटी है, जबकि विलासिता अस्थायी होती है।


युवाओं को दी समझदारी की सलाह

इंटरव्यू में मीका ने युवाओं को भी सलाह दी कि वे अपनी कमाई को बेवजह खर्च करने से बचें और हमेशा सोच-समझकर निवेश करें। उन्होंने कहा कि समझदारी से किया गया निवेश ही असली दौलत होता है।


निष्कर्ष

मीका सिंह का यह बयान उनकी जिंदगी की फिलॉसफी को दर्शाता है। जहां लोग उन्हें शोहरत और चमक-दमक से जोड़ते हैं, वहीं वह खुद को एक साधारण किसान का बेटा मानते हैं, जिसने मेहनत और दूरदर्शिता से अपने लिए मजबूत भविष्य बनाया।