मध्य पूर्व में जारी तनाव ने रविवार को और गंभीर रूप ले लिया, जब Ayatollah Ali Khamenei के मारे जाने का दावा एक वरिष्ठ इज़राइली अधिकारी ने किया। यह दावा अमेरिका और इज़राइल द्वारा तेहरान तथा अन्य प्रमुख सैन्य ठिकानों पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद सामने आया है। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Israel और United States ने कथित तौर पर तेहरान में कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजधानी में देर रात जोरदार विस्फोट सुने गए और कई स्थानों पर आग के गुबार देखे गए। इज़राइली रक्षा बल (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई “रणनीतिक और आवश्यक” थी।
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक टीवी संबोधन में संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि “क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं।”
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें जो रिपोर्ट मिली हैं, वे “सही प्रतीत होती हैं”, हालांकि उन्होंने भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करने की बात कही।
संयुक्त हमलों के बाद Iran ने क्षेत्र में कई ठिकानों पर मिसाइल दागे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल की ओर भी मिसाइलें छोड़ी गईं, जिनमें से कई को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया। क्षेत्र में हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
यदि खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि होती है, तो यह इस्लामिक गणराज्य ईरान के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट साबित हो सकता है। 1989 से सर्वोच्च नेता पद पर आसीन खामेनेई का कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी घोषित नहीं था। ऐसे में सत्ता हस्तांतरण को लेकर अस्थिरता और आंतरिक संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है।
संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम पूरे मध्य पूर्व को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकता है।
फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हैं। आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।