सिडनी में सुरक्षा कटौती पर हंगामा

सिडनी में सुरक्षा कटौती पर हंगामा

सिडनी : सिडनी पार्क जंक्शन पर सुरक्षा सुधारों को रद्द करने का विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में सामने आए गुप्त ईमेल्स ने इस पूरे मामले पर नया सियासी तूफ़ान खड़ा कर दिया है। खुलासे के अनुसार, तत्कालीन परिवहन मंत्री जो हायलेन को अधूरी और भ्रामक जानकारी दी गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने इस विवादित योजना का समर्थन किया था।

कैसे हुआ खुलासा

आंतरिक ईमेल्स में दर्ज है कि सुरक्षा अपग्रेड को “मासिव” बताकर पेश किया गया था, जबकि हकीकत में बड़े पैमाने पर कटौती की जा रही थी। अधिकारियों ने ब्रीफिंग नोट्स में पूरी जानकारी नहीं दी, जिससे मंत्री को यह अंदेशा ही नहीं हुआ कि सड़क सुरक्षा पर कितना बड़ा समझौता हो रहा है।

मंत्री ने लिया समर्थन वापस

जैसे ही यह सच्चाई सामने आई, जो हायलेन ने इस योजना से किनारा कर लिया। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें यदि वास्तविक स्थिति बताई गई होती, तो वे कभी इस फैसले से सहमति नहीं देतीं। उनका कहना है कि “जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

जनता में गुस्सा और चिंता

स्थानीय निवासियों और यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि सिडनी पार्क जंक्शन पहले ही एक ब्लैक स्पॉट बन चुका है, जहां आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।

  • विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्तावित सुरक्षा सुधार, जैसे बेहतर सिग्नलिंग, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग और ट्रैफिक फ्लो मैनेजमेंट, दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम कर सकते थे।

  • लोगों का आरोप है कि सरकार बजट बचाने के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है।

राजनीतिक दबाव और सवाल

यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गूंज रहा है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर किसके दबाव में इतनी बड़ी कटौती को छिपाया गया और मंत्री तक को सही जानकारी क्यों नहीं दी गई।