कभी खुद को अरबपति कारोबारी बताने वाला और दुनिया के अलग-अलग देशों में ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीने वाला अहसान अली सैयद अब सलाखों के पीछे है। इस शातिर ठग ने दुनियाभर के निवेशकों को करोड़ों का चूना लगाया और एक दशक तक कानून की आंखों में धूल झोंकता रहा। लेकिन हाल ही में एक तकनीकी विशेषज्ञ और रियल एस्टेट डेवलपर की सतर्कता से पुलिस उसे ढूंढने और गिरफ़्तार करने में कामयाब रही।
अहसान अली सैयद हैदराबाद (भारत) का रहने वाला है, लेकिन उसने अपनी पहचान एक ग्लोबल इन्वेस्टर और अरबपति कारोबारी के तौर पर बनाई। उसने खुद को WSG Group का मालिक बताया, जो एक फर्जी इन्वेस्टमेंट कंपनी थी। लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उसने भारी निवेश जुटाया और फिर उन पैसों से लग्ज़री जीवन जीने लगा।
सैयद ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वह बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहा है — जिसमें रियल एस्टेट, स्पोर्ट्स क्लब और फाइनेंसिंग शामिल थी। साल 2010 में उसने स्पेन की सेकंड डिवीजन फुटबॉल क्लब Racing Santander खरीदकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। उसने ये दिखाया कि उसके पास बेहिसाब पैसा है। इसके साथ ही वह स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में एक आलीशान अपार्टमेंट में रहा करता था और उसके पास एक प्राइवेट जेट भी था।
जैसे-जैसे उसके निवेशकों को पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है, शिकायतों की झड़ी लग गई। भारत, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और यूएई समेत कई देशों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हुए। लेकिन हर बार वह किसी न किसी नाम और देश की आड़ में बच निकलता।
सैयद को पकड़ने में जो सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वह एक टेक डेवलपर की रही। यह व्यक्ति एक प्रॉपर्टी डील में संदेहास्पद लेन-देन को ट्रैक कर रहा था। डिजिटल ट्रैकिंग, ब्लॉकचेन एनालिसिस और वर्चुअल आईडी सिस्टम्स के ज़रिए उसे पता चला कि एक व्यक्ति बार-बार फर्जी पासपोर्ट और कंपनियों के ज़रिए संपत्तियाँ खरीदने की कोशिश कर रहा है।
इस डेवलपर ने यह जानकारी इंटरपोल और स्थानीय एजेंसियों को दी। जांच एजेंसियों ने टेक्निकल डेटा को क्रॉस-चेक कर सैयद की पहचान की, और फिर उसे एक गुप्त ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब सैयद एक नई फर्जी कंपनी के दस्तावेजों पर साइन कर रहा था। जैसे ही वह लोकेशन ट्रेस हुई, स्थानीय पुलिस और इंटरपोल की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन में उसे पकड़ लिया। उसके पास से नकली पासपोर्ट, 3 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई ऑफशोर खातों के दस्तावेज़ बरामद हुए।
अहसान अली सैयद को फिलहाल उस देश में रखा गया है जहां से वह पकड़ा गया। भारत और अन्य देशों की एजेंसियाँ उसके प्रत्यर्पण की तैयारी कर रही हैं। उसके ऊपर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, जालसाज़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी दस्तावेज़ बनाने के गंभीर आरोप हैं।