लंदन में मकानों की कीमतों में भारी गिरावट, ऑस्ट्रेलिया पर भी मंडराया संकट

लंदन में मकानों की कीमतों में भारी गिरावट, ऑस्ट्रेलिया पर भी मंडराया संकट

लंदन/सिडनी।
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में आई तेज़ गिरावट ने वैश्विक रियल एस्टेट बाज़ार में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही रुझान जारी रहा, तो ऑस्ट्रेलिया भी अगला बड़ा शिकार बन सकता है।

आंकड़ों के अनुसार, लंदन में मकानों की औसत वास्तविक कीमतें वर्ष 2022 में अपने चरम पर थीं, जब यह लगभग 9.1 लाख पाउंड (करीब 18 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) तक पहुंच गई थीं। लेकिन 2025 तक इनमें लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और कीमतें घटकर 6.48 लाख पाउंड पर आ गई हैं। यह स्तर 2009 के बाद सबसे निचला माना जा रहा है।

लंदन अब उन प्रमुख वैश्विक शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जहां महामारी के दौरान बढ़ी संपत्ति कीमतों में तेज़ सुधार (करेक्शन) देखा गया है। इस सूची में टोरंटो, हांगकांग, बीजिंग, मियामी और ऑकलैंड जैसे शहर पहले से मौजूद हैं। हालांकि, अब तक ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहर इस गिरावट से बचे हुए दिखाई दे रहे हैं।

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है।

मैक्रोबिज़नेस के मुख्य अर्थशास्त्री लीथ वैन ऑनसेलन ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की स्थिति “बेहद संवेदनशील” है। उनके अनुसार, देश में मकानों की कीमतें आय की तुलना में अत्यधिक ऊंची हैं और आवासीय वहन क्षमता (हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी) रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।

उन्होंने कहा,
“ऑस्ट्रेलिया में घरों की कीमतें वास्तविक आर्थिक क्षमता से काफी आगे निकल चुकी हैं। यही वजह है कि भविष्य में यहां भी बड़ी गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।”

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेलबर्न जैसे कुछ शहर अपेक्षाकृत कम जोखिम में हैं, क्योंकि हाल के वर्षों में वहां आवासीय वहन क्षमता में कुछ सुधार देखा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं और आर्थिक दबाव बढ़ता है, तो ऑस्ट्रेलिया का संपत्ति बाज़ार भी उसी रास्ते पर जा सकता है, जिस पर लंदन और अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर पहले ही चल चुके हैं।