ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कोड पर अडिग है लेबर सरकार, अमेरिकी दबाव के बावजूद नहीं होगा बदलाव

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कोड पर अडिग है लेबर सरकार, अमेरिकी दबाव के बावजूद नहीं होगा बदलाव

वॉशिंगटन/कैनबरा, 3 जुलाई 2025 | विशेष संवाददाता
ऑस्ट्रेलिया की लेबर सरकार ने अमेरिका की संभावित नाराज़गी और व्यापारिक दबावों के बावजूद डिजिटल मीडिया से जुड़े अपने कड़े नियमों पर कायम रहने का ऐलान किया है। इन नियमों के तहत तकनीकी दिग्गज कंपनियों — जैसे Google और Meta — को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थानों को उनके कंटेंट के लिए भुगतान करना अनिवार्य होगा।

विदेश मंत्री पेनी वोंग ने वॉशिंगटन से Sky News को दिए गए इंटरव्यू में कहा, “हम इस नीति ढांचे को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कोई राजस्व बढ़ाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की पहल है कि पत्रकारों और कंटेंट निर्माताओं को उनके काम के लिए उचित पारिश्रमिक मिले। यह किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब कनाडा ने इसी तरह के डिजिटल सर्विस टैक्स को खत्म कर दिया है जिससे अमेरिका के साथ फिर से व्यापार वार्ता की राह साफ हो गई है। कनाडा के इस कदम को अमेरिका में सकारात्मक रूप से देखा गया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने साफ कर दिया है कि वह अपने मीडिया कोड में कोई ढील नहीं देगा।

पेनी वोंग ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद कहा, “हम बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कराधान के मामले में वही दृष्टिकोण अपनाएंगे जो हमारे राष्ट्रीय हितों के अनुरूप होगा। टेक कंपनियों को भी समाज में अपनी भूमिका के अनुसार टैक्स देना चाहिए।”

इस फैसले के चलते अमेरिका से आयातित ऑस्ट्रेलियाई उत्पादों पर टैरिफ लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है।

हालांकि सरकार का मानना है कि यह कदम न सिर्फ मीडिया उद्योग को सशक्त करेगा बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की भी रक्षा करेगा।


मुख्य बातें:

  • लेबर सरकार ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कोड पर कायम

  • अमेरिकी टेक कंपनियों को कंटेंट के लिए भुगतान अनिवार्य

  • विदेश मंत्री ने कहा – “यह लोकतंत्र की रक्षा का मामला है”

  • अमेरिका की संभावित नाराज़गी और टैरिफ खतरे की आशंका

यह मामला आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के रिश्तों को कैसे प्रभावित करेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।