भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में अपना दबदबा कायम कर लिया है। आईसीसी की ताजा जारी रैंकिंग में कोहली ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। करीब 53 महीने बाद कोहली वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज बने हैं, जिससे उनके शानदार फॉर्म पर भी मुहर लग गई है।
आईसीसी की रैंकिंग के अनुसार विराट कोहली 785 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं। उनके ठीक पीछे न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल 784 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। कोहली और मिचेल के बीच महज एक अंक का अंतर इस बात को दर्शाता है कि शीर्ष रैंकिंग की दौड़ कितनी कड़ी है।
शानदार फॉर्म का मिला इनाम
37 वर्षीय विराट कोहली हाल के दिनों में बेहतरीन लय में नजर आए हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आखिरी वनडे में उन्होंने नाबाद 74 रन की अहम पारी खेली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली चार पारियों में कोहली के बल्ले से 135, 102, 65 और 93 रन निकले। वडोदरा में खेले गए मुकाबले में 300 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी पारी टीम इंडिया की जीत में निर्णायक साबित हुई।
2013 में पहली बार बने थे नंबर-1
विराट कोहली ने पहली बार अक्टूबर 2013 में वनडे रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था। यह 11वां मौका है जब वे नंबर-1 बल्लेबाज बने हैं। अब तक वे कुल 825 दिनों तक वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर रह चुके हैं, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए सबसे अधिक है और विश्व स्तर पर 10वां सबसे लंबा समय है।
28 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 28,000 रन भी पूरे किए। यह उपलब्धि उन्होंने सिर्फ 624 पारियों में हासिल की, जिससे वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। इस मामले में वे सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा के बाद तीसरे खिलाड़ी हैं।
अन्य भारतीयों की स्थिति
वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल पांचवें और श्रेयस अय्यर 10वें स्थान पर बने हुए हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल एक स्थान की छलांग लगाकर 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों की रैंकिंग में मोहम्मद सिराज ने पांच स्थान का सुधार करते हुए 15वां स्थान हासिल किया है।
विराट कोहली की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके शानदार करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अनुभव और निरंतरता के दम पर वे आज भी विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बने हुए हैं।