अगले साल मिलेंगी चाबियाँ? दिल्ली में वर्षों से खाली पड़े ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की मरम्मत शुरू

अगले साल मिलेंगी चाबियाँ? दिल्ली में वर्षों से खाली पड़े ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की मरम्मत शुरू

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पिछले एक दशक से अधिक समय से खाली पड़े आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के हजारों फ्लैटों में अब लोगों के बसने की उम्मीद जगी है। दिल्ली सरकार ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सवदा घेवड़ा इलाके में बने बड़े ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि मरम्मत और बुनियादी सुविधाएं पूरी होते ही पात्र परिवारों को फ्लैटों की चाबियाँ सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले वर्ष से आवंटन शुरू हो जाए।

सवदा घेवड़ा पर फोकस

यह आवासीय कॉलोनी सवदा घेवड़ा में स्थित है, जिसे दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत विकसित किया था। करीब 38 एकड़ में फैली इस कॉलोनी का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों से विस्थापित हजारों परिवारों को स्थायी आवास देना था, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण ये फ्लैट लंबे समय तक खाली पड़े रहे।

2012 से खाली पड़े हजारों फ्लैट

2012 से 2020 के बीच सवदा घेवड़ा में कुल 7,620 फ्लैट बनाए गए थे। इनमें से 6,476 फ्लैट अब तक खाली हैं। वर्षों की उपेक्षा के चलते कई फ्लैट जर्जर हालत में पहुंच गए, जिससे अब सरकार को बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य कराना पड़ रहा है।

पहले चरण में 2,500 फ्लैटों की मरम्मत

सरकार ने पहले चरण में 2,500 फ्लैटों की मरम्मत के लिए 27.5 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस चरण में संरचनात्मक मरम्मत, पानी की फिटिंग, शौचालय और सीवरेज से जुड़े काम किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण के पूरा होने के बाद अन्य फ्लैटों को भी क्रमवार ठीक किया जाएगा।

सुविधाएँ हैं, लेकिन कमी भी

सवदा घेवड़ा कॉलोनी में 100 प्रतिशत सीवरेज नेटवर्क, पानी की टंकियाँ, बूस्टर स्टेशन और ओवरहेड रिज़रवॉयर मौजूद हैं। इसके अलावा 39 आवासीय पार्क विकसित किए जा चुके हैं और ठोस कचरा संग्रह के लिए चार केंद्र भी बनाए गए हैं।
हालांकि, दो प्रस्तावित प्राथमिक स्कूलों में से केवल एक ही अब तक पूरा हो पाया है। एक डिस्पेंसरी की योजना बनी है, लेकिन वह अभी शुरू नहीं हो सकी है। स्थानीय बाजार, दूध बूथ, परिवहन स्टैंड जैसी रोजमर्रा की सुविधाएँ भी अभी विकसित होनी बाकी हैं।

आसपास क्या है उपलब्ध

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, कॉलोनी से 1.5 किलोमीटर के दायरे में बस स्टॉप, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हैं, जबकि मेट्रो स्टेशन और पुलिस सुविधाएँ करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं।

राजनीतिक दबाव और आगे की राह

ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के वर्षों तक खाली रहने का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का विषय रहा है। आलोचकों का कहना है कि जब दिल्ली में सस्ते आवास की भारी मांग है, तब सार्वजनिक आवास का यूं खाली रहना गंभीर लापरवाही है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी डूसिब कॉलोनियों में अधूरी सुविधाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मरम्मत और बुनियादी ढांचे का काम कितनी तेजी से पूरा होता है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो हजारों परिवारों के लिए यह लंबे इंतज़ार के बाद स्थायी छत मिलने की शुरुआत साबित हो सकती है।