मेलबर्न, 14 फरवरी। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित सेंट किल्डा बीच इलाके में जेट स्की राइड के बहाने युवतियों को समुद्र में ले जाकर उनके साथ दुर्व्यवहार और दबाव बनाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कई महिलाओं ने दावा किया है कि उन्हें जेट स्की सवारों ने बीच से दूर समुद्र में ले जाकर असहज परिस्थितियों में डाल दिया।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुछ जेट स्की चालक बीच पर मौजूद युवतियों को मुफ्त सवारी का लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं। आरोप है कि समुद्र में दूर ले जाने के बाद वे उनसे निजी संबंध बनाने या फोन नंबर देने का दबाव डालते हैं। इनकार करने पर वापस किनारे न छोड़ने की धमकी तक दी जाती है।
कुछ पीड़िताओं ने बताया कि ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं, बल्कि पिछले कई वर्षों से होती रही हैं। एक महिला ने बताया कि वह अपनी बहनों के साथ बीच पर टहल रही थी, तभी एक व्यक्ति ने जेट स्की राइड की पेशकश की। शुरुआत में यह सामान्य लगा, लेकिन बाद में स्थिति डरावनी हो गई।
महिला के अनुसार, समुद्र में दूर जाने के बाद चालक ने जानबूझकर जेट स्की पलट दी। जब वे दोबारा उस पर चढ़ने की कोशिश कर रही थीं, तभी उसने व्यक्तिगत सवाल पूछने शुरू किए और नजदीक आने की कोशिश की। महिला ने बताया कि उसे डर था कि कहीं उसे समुद्र में ही न छोड़ दिया जाए, इसलिए उसने किसी तरह स्थिति संभाली और सुरक्षित वापस किनारे पहुंची।
St Kilda क्षेत्र के समुदाय सदस्यों ने बीच के आसपास चेतावनी पोस्टर भी लगाए हैं, जिनमें युवतियों को अनजान लोगों से जेट स्की राइड स्वीकार न करने की सलाह दी गई है।
Melbourne के पोर्ट फिलिप क्षेत्र के एक पार्षद ने भी इन शिकायतों की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी कई मौखिक शिकायतें मिली हैं। उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
हाल ही में सेंट किल्डा पियर के पुनर्निर्माण के बाद यह इलाका पर्यटकों और स्थानीय युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है, जिससे जेट स्की गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों से अपील की है कि बीच और पियर के आसपास गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
प्रशासन ने भी युवाओं, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों के साथ समुद्र में जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध घटना की तुरंत शिकायत करें।
(यह रिपोर्ट विभिन्न स्थानीय स्रोतों और पीड़िताओं के बयानों पर आधारित है। जांच जारी है।)