इज़राइली प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बानीज़ से कहा — ‘जागिए’, यहूदी-विरोधी घटनाओं पर कार्रवाई करें

इज़राइली प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बानीज़ से कहा — ‘जागिए’, यहूदी-विरोधी घटनाओं पर कार्रवाई करें

यरुशलम/सिडनी।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ पर यहूदी-विरोधी घटनाओं को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए उनसे “जागने” और ठोस कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती नफरत और कट्टरपंथी गतिविधियों के संकेत पहले से स्पष्ट थे और हालिया बॉन्डी हिंसक घटना उसी का परिणाम है।

स्काई न्यूज़ से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले ही प्रधानमंत्री अल्बानीज़ को चेतावनी दी थी कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जिसमें यहूदी स्थलों पर हमले, समुदाय के सदस्यों को धमकियाँ और प्रतिबंधित फिलिस्तीन समर्थक रैलियों में नफरत भरे नारे शामिल हैं।

नेतन्याहू ने कहा,
“मैंने साफ कहा था कि हालात बिगड़ेंगे। चेतावनियाँ दी गईं, लेकिन उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। अब और चेतावनियों की ज़रूरत नहीं है — कार्रवाई की ज़रूरत है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही देर हो चुकी हो, लेकिन अब भी स्थिति को संभालने का समय है।

फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता पर भी आपत्ति

इज़राइली प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के निर्णय की भी आलोचना की। यह निर्णय ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस सहित कई पश्चिमी देशों के साथ मिलकर लिया था।

नेतन्याहू ने कहा कि इस कदम को कट्टरपंथी इस्लामी गुटों ने यहूदियों की हत्या को “इनाम” देने के रूप में देखा।
उनका कहना था कि इससे आतंकवादी संगठनों को गलत संदेश गया है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार की प्रतिक्रिया

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री और कैबिनेट सदस्य मार्क बटलर ने नेतन्याहू की टिप्पणियों पर सीधे प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर केंद्रित है।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद नफरत और कट्टरपंथ के खिलाफ कड़े सुधारों की घोषणा की। प्रस्तावित कदमों में शामिल हैं:

  • हिंसा को बढ़ावा देने वाले धार्मिक या सामुदायिक नेताओं के लिए कड़े अपराध प्रावधान

  • नफरत भरे भाषण पर कड़ी सज़ा

  • ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न में नफरत को सज़ा बढ़ाने वाला कारक बनाना

  • नस्लीय घृणा फैलाने वाले संगठनों को सूचीबद्ध करने की व्यवस्था

  • गंभीर नस्लीय भड़कावे के लिए सीमित लेकिन सख्त संघीय अपराध कानून

इसके अलावा, गृह मामलों के मंत्री को ऐसे लोगों के वीज़ा रद्द करने या अस्वीकार करने की शक्ति दी जाएगी जो ऑस्ट्रेलिया में नफरत फैलाने का जोखिम रखते हैं।

प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने संकेत दिया है कि इन कानूनों को पारित कराने के लिए संसद को गर्मियों की छुट्टियों में भी बुलाया जा सकता है। वहीं विपक्षी नेता सुसैन ले ने भी यहूदी-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानूनों की मांग करते हुए क्रिसमस से पहले संसद सत्र बुलाने की अपील की है।