मध्य पूर्व संकट: ईरान ने रूस से मांगी मदद, होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की तैयारी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा

मध्य पूर्व संकट: ईरान ने रूस से मांगी मदद, होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने की तैयारी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा

मध्य पूर्व में ईरान और इज़रायल के बीच चल रहे टकराव ने अब वैश्विक संकट का रूप ले लिया है। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने अब रूस की ओर रुख किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को मॉस्को रवाना किया है ताकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से समर्थन मांगा जा सके।

इस कूटनीतिक प्रयास के बीच ईरानी संसद ने एक ऐसा प्रस्ताव पारित कर दिया है जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। संसद ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है — यह वही जलमार्ग है जिससे विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है। अगर यह मार्ग बंद होता है, तो अनुमान के अनुसार प्रतिदिन एक अरब डॉलर तक का तेल व्यापार प्रभावित हो सकता है।

हालांकि अंतिम फैसला ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा लिया जाएगा, जो स्थानीय समयानुसार रविवार रात इस पर निर्णय कर सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरानी शासन पर निशाना साधते हुए कहा,

“अगर मौजूदा ईरानी सरकार ईरान को फिर से महान नहीं बना सकती, तो शासन परिवर्तन क्यों न हो?”

इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में "रेजाइम चेंज" की सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

इस बीच ईरान ने इज़रायल पर मिसाइल हमले किए हैं, और 'जासूसी' के आरोप में कई लोगों को फांसी दे दी है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका के हमलों की कड़ी आलोचना की है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई सांसद जैकी लैम्बी ने अपने देश से आग्रह किया है कि वह अमेरिका के युद्ध में शामिल न हो।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से अनुरोध किया है कि वह ईरान को समझाए कि वह होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद न करे, क्योंकि इससे वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध की आशंका और बढ़ सकती है।