सिडनी | 19 दिसंबर 2025
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हुए भयावह सामूहिक गोलीकांड के बाद विवादों में घिरे इस्लामी प्रचारक विसाम हद्दाद ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि बॉन्डी हमले के मुख्य आरोपी उनसे प्रभावित थे या उनके अनुयायी थे।
हद्दाद ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आरोपी नवीद अकरम का उनसे कोई व्यक्तिगत, वैचारिक या संगठनात्मक संबंध था। उन्होंने इसे मीडिया द्वारा फैलाया गया “भ्रामक और अस्पष्ट दावा” बताया।
गौरतलब है कि नवीद अकरम और उसके पिता साजिद अकरम पर आरोप है कि उन्होंने यहूदी पर्व के दौरान बॉन्डी बीच पर हमला कर 15 लोगों की हत्या की। पुलिस के अनुसार, इस हमले की प्रेरणा इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से जुड़ी हो सकती है।
इस वर्ष की शुरुआत में, फेडरल कोर्ट ने विसाम हद्दाद को उनके कई ऑनलाइन उपदेश हटाने का आदेश दिया था। अदालत ने इन उपदेशों को “मूल रूप से नस्लवादी और यहूदी-विरोधी” करार दिया था।
ये भाषण नवंबर 2023 में सिडनी के बैंकस्टाउन स्थित अल मदिना दावा सेंटर में दिए गए थे। इन उपदेशों में यहूदी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया था, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियन ज्यूइश समुदाय की कार्यकारी परिषद ने उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
हद्दाद ने यह भी इनकार किया कि वह ऑस्ट्रेलिया में ISIS के किसी प्रकार के “आध्यात्मिक नेता” हैं। उन्होंने कहा, “इस तरह के आरोपों का कोई प्रमाण नहीं है।”
अल मदिना दावा सेंटर ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि विसाम हद्दाद वहां किसी पद पर नहीं थे और केवल अतिथि वक्ता के रूप में कभी-कभी आमंत्रित किए जाते थे।
जांच में सामने आया है कि नवीद अकरम किशोरावस्था से ही धार्मिक प्रचार गतिविधियों में सक्रिय था। सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक पुराने वीडियो में वह सिडनी के एक रेलवे स्टेशन पर इस्लामी प्रचार करते हुए दिखाई देता है।
पुलिस के अनुसार, हमले के बाद आरोपियों की गाड़ी से ISIS के झंडे और देसी विस्फोटक उपकरण (IED) बरामद किए गए। साजिद अकरम को मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया, जबकि नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और होश में आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या दोनों आरोपियों ने हाल ही में फिलीपींस यात्रा के दौरान किसी प्रकार का सैन्य-शैली प्रशिक्षण लिया था।
बॉन्डी हमला ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के सबसे गंभीर आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है, जिसने देश-भर में सुरक्षा और कट्टरपंथ पर नई बहस छेड़ दी है।