तेहरान/विश्व, 1 मार्च 2026: ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि 28 फरवरी को हुए संयुक्त अमेरिकी–इज़रायली हवाई और मिसाइल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। सरकार ने उनकी मौत को “शहादत” बताते हुए देशभर में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
सरकारी बयान के अनुसार, हमले के समय खामेनेई तेहरान स्थित अपने आधिकारिक कार्यालय में मौजूद थे। हमले में उनके कुछ परिवार के सदस्यों—जिनमें उनकी बेटी, दामाद और एक पोते के शामिल होने की खबर है—की भी मृत्यु की सूचना दी गई है।
बताया गया है कि 28 फरवरी की सुबह संयुक्त अमेरिकी और इज़रायली बलों ने एक व्यापक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें तेहरान और अन्य रणनीतिक सैन्य तथा सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस अभियान को ईरान की सैन्य क्षमताओं और संवेदनशील ठिकानों पर केंद्रित बताया जा रहा है।
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव तेजी से बढ़ा है। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है और विदेशी शक्तियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
सरकारी प्रसारणों में खामेनेई को “राष्ट्र का मार्गदर्शक” और “प्रतिरोध का प्रतीक” बताया गया। देशभर में सरकारी भवनों पर झंडे झुका दिए गए हैं। तेहरान और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर शोक जता रहे हैं।
धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और तीन दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति, विदेश नीति और सैन्य रणनीति पर उनका निर्णायक प्रभाव रहा। उनके कार्यकाल में ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय बहस का केंद्र बना रहा और अमेरिका तथा इज़रायल के साथ तनावपूर्ण संबंध जारी रहे।
उन्होंने क्षेत्रीय सहयोगी समूहों के समर्थन और पश्चिमी दबाव के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की नीति को आगे बढ़ाया।
विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान में उत्तराधिकार की प्रक्रिया शुरू होगी। देश की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नए सर्वोच्च नेता के चयन के लिए बैठक बुला सकती है। इस बीच, राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
इस घटना से मध्य-पूर्व में अस्थिरता और व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। कई देशों ने संयम बरतने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की अपील की है।
मुख्य बिंदु:
28 फरवरी के संयुक्त अमेरिकी–इज़रायली हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि।
40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित।
परिवार के कुछ सदस्यों के भी हताहत होने की खबर।
ईरान में सुरक्षा कड़ी, संभावित उत्तराधिकार प्रक्रिया शुरू।
मध्य-पूर्व में तनाव और वैश्विक चिंता बढ़ी।
स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर वैश्विक नजर बनी रहेगी।