भारत-अमेरिका व्यापार टकराव: यूरोप ने भी रोके पार्सल

भारत-अमेरिका व्यापार टकराव: यूरोप ने भी रोके पार्सल

नई दिल्ली/बर्लिन। भारत के बाद अब यूरोप के कई देशों की डाक सेवाओं ने भी अमेरिका को पार्सल भेजना अस्थायी रूप से रोक दिया है। जर्मनी, डेनमार्क, स्वीडन और इटली की डाक सेवाओं ने शनिवार से यह कदम उठाया, जबकि फ्रांस और ऑस्ट्रिया सोमवार से और ब्रिटेन मंगलवार से रोक लागू करेंगे।

अमेरिकी टैरिफ नियमों से बढ़ी चिंता

यह निर्णय अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर अस्पष्टता के कारण लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अब 800 डॉलर तक के पार्सल पर भी टैरिफ लगेगा। पहले इस सीमा से कम कीमत वाले सामान पर शुल्क नहीं लगता था।
हालांकि पत्र, किताबें, उपहार और 100 डॉलर तक के छोटे पार्सल इस नियम से बाहर रहेंगे।

यूरोपीय संघ पर 15% शुल्क

अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हालिया व्यापार समझौते के बाद तय हुआ कि यूरोपीय संघ से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर 15% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद कई यूरोपीय डाक सेवाओं को आशंका है कि उनके पार्सल 29 अगस्त से पहले अमेरिका नहीं पहुंच पाएंगे और उन पर नया शुल्क लग सकता है।

जर्मनी से इटली तक डिलीवरी पर रोक

  • डॉयचे पोस्ट और DHL जर्मनी ने शनिवार से अमेरिका के लिए व्यापारिक पार्सल लेना बंद कर दिया।

  • पोस्टनॉर्ड (नॉर्डिक कंपनी) और इटली की पोस्टे इटालियाने ने भी इसी तरह की रोक लगाने की घोषणा की।

  • इटली की डाक सेवा ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों से अलग निर्देश न मिलने पर वह भी सभी व्यापारिक पार्सल रोकने पर मजबूर है।

एक्सप्रेस सेवा जारी रहेगी

हालांकि, DHL एक्सप्रेस जैसी तेज डिलीवरी सेवाओं से पार्सल भेजना अभी संभव है। वहीं जिन पार्सलों में कोई सामान नहीं है (जैसे दस्तावेज़), उन्हें भेजना जारी रहेगा।