नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026।
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी द्विपक्षीय व्यापार संधि (ट्रेड डील) को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद यह माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में जमी बर्फ अब पिघलने लगी है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष से फोन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें व्यापार, टैरिफ, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे अहम विषय शामिल रहे। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सूत्रों के अनुसार, इस संवाद में उन मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया जो पिछले कुछ समय से व्यापार समझौते में बाधा बने हुए थे। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर मतभेदों के चलते द्विपक्षीय व्यापार वार्ता धीमी पड़ गई थी। अब दोनों पक्ष इन अड़चनों को दूर करने के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने पर सहमत नजर आ रहे हैं।
जयशंकर ने बातचीत के बाद संकेत दिया कि यह चर्चा “रचनात्मक और सकारात्मक” रही। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के साझा हित केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और भारत-अमेरिका दोनों ही देश विश्वसनीय साझेदारों के साथ आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में ट्रेड डील पर सहमति दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना जरूरी माना जा रहा है। हालिया बातचीत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में इस विषय पर उच्च-स्तरीय बैठकों और तकनीकी स्तर की वार्ताओं का सिलसिला जारी रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश जल्द ही ट्रेड डील के लंबित मुद्दों पर ठोस प्रगति की घोषणा कर सकते हैं।