भारत–इस्राइल रिश्ते मजबूत: पीएम मोदी और नेतन्याहू की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात' पर सहमति

भारत–इस्राइल रिश्ते मजबूत: पीएम मोदी और नेतन्याहू की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात' पर सहमति

येरूशलम/नई दिल्ली। भारत और इस्राइल के बीच रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। बातचीत सकारात्मक और मैत्रीपूर्ण रही, जिसके बाद दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में आमने-सामने मुलाकात करने पर सहमति जताई। इस संबंध में इस्राइल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने आधिकारिक बयान जारी किया है।

PMO की ओर से जारी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि चर्चा के अंत में दोनों नेताओं ने “बहुत जल्द मुलाकात” के लिए सहमति व्यक्त की। यह प्रस्तावित बैठक दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में हुई कई उच्च-स्तरीय यात्राओं को आगे बढ़ाने वाला कदम मानी जा रही है।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

फोन वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने भारत–इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित बैठक रक्षा, तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को नई गति दे सकती है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अंतिम चरण में

पिछले कुछ महीनों में इस्राइल के कई वरिष्ठ मंत्रियों—पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचटर और वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच—ने भारत का दौरा किया है। ये दौरें दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी का संकेत मानी जा रही हैं।

स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तुरंत बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की इस्राइल यात्रा में FTA को आगे बढ़ाने वाले नियमों और शर्तों (TOR) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

भारत यात्रा स्थगित होने की खबरों को किया गया खारिज

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली धमाकों के बाद सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू की भारत यात्रा टाल दी गई है। हालांकि इस्राइल PMO ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि इस्राइल को भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और यात्रा की तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।

अगली मुलाकात पर सभी की नजरें

दोनों प्रधानमंत्रियों की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात भारत–इस्राइल रिश्तों में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगी, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सहयोग बढ़ा रहे हैं।