भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द, ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय ने दी पुष्टि

भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द, ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय ने दी पुष्टि

नई दिल्ली/सना: भारत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। यमन में बंदी केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा अब रद्द कर दी गई है। यमन के ग्रैंड मुफ्ती के कार्यालय ने इस खबर की आधिकारिक पुष्टि की है, जिससे पूरे देश में राहत और संतोष की लहर दौड़ गई है।

निमिषा प्रिया का मामला वर्ष 2018 से अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है, जब उन्हें एक यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। तब से भारत सरकार, मानवाधिकार संगठन, और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले को लेकर सक्रिय रहे।

क्या है मामला?

केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया, बतौर नर्स यमन में कार्यरत थीं। 2018 में उन पर यमन के नागरिक की हत्या करने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कहा जाता है कि मामला आत्मरक्षा का था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें मृत्युदंड दे दिया गया था।

भारत का प्रयास रंग लाया

भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। विदेश मंत्रालय ने यमन के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसके साथ ही, निमिषा प्रिया की मां और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यमन की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, ग्रैंड मुफ्ती के कार्यालय, से अपील की थी।

सूत्रों के अनुसार, 'दिया' (मुआवजा/ब्लड मनी) की प्रक्रिया भी पूरी की गई, जो इस्लामी कानून में क्षमा के तहत जरूरी होती है। इसी आधार पर ग्रैंड मुफ्ती कार्यालय ने सजा रद्द करने की पुष्टि कर दी है।

क्या होगा अगला कदम?

अब निमिषा प्रिया की भारत वापसी को लेकर प्रक्रिया शुरू होगी। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वह अपने वतन लौट सकेंगी।