सिडनी। सिडनी के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में गुरुवार रात भारी हथियारों से लैस टैक्टिकल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि किसी “हिंसक वारदात” की योजना बनाई जा सकती है। माना जा रहा है कि ये लोग बॉन्डी बीच की ओर जा रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई से पहले लिवरपूल में एक उच्चस्तरीय और गोपनीय ब्रीफिंग आयोजित की गई थी, जिसमें न्यू साउथ वेल्स पुलिस, ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) और खुफिया एजेंसी ASIO के चुनिंदा अधिकारी ही शामिल थे।
बताया जा रहा है कि संदिग्ध एक कार में यात्रा कर रहे थे, जिस पर विक्टोरिया राज्य के नंबर प्लेट लगे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस के एक लैंडक्रूज़र वाहन ने कथित तौर पर सफेद रंग की हुंडई कार को टक्कर मारकर रोका। इसके बाद कैमुफ्लाज व सुरक्षात्मक गियर पहने और राइफल से लैस टैक्टिकल अधिकारी वाहनों से उतरे और सड़क किनारे सभी लोगों को काबू में लिया।
घटना जॉर्ज स्ट्रीट पर हुई, जो एक प्राथमिक स्कूल और मेडिकल सेंटर के पास स्थित है। सुरक्षा कारणों से स्कूल, मेडिकल सेंटर और आसपास के कई व्यवसायों को अस्थायी रूप से लॉकडाउन में रखा गया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “इतने सारे पुलिसकर्मियों को बड़े हथियारों के साथ देखना बेहद डरावना था, खासकर बॉन्डी में हुई हालिया घटना के बाद। यह माहौल और भी ज्यादा भयावह लग रहा है।”
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने देर रात जारी बयान में कहा कि यह अभियान अब समाप्त हो चुका है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा,
“टैक्टिकल ऑपरेशंस पुलिस को ऐसी जानकारी मिली थी कि किसी हिंसक कृत्य की योजना बन सकती है। इसके आधार पर दो वाहनों को रोका गया। फिलहाल सात लोग पूछताछ में सहयोग कर रहे हैं।”
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस स्तर पर हिरासत में लिए गए लोगों का बॉन्डी में हुए आतंकी हमले की मौजूदा जांच से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
वहीं, AFP आयुक्त क्रिसी बैरेट ने गुरुवार सुबह कहा कि बॉन्डी हमले के बाद आने वाले दिनों में और भी छापेमारी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि संयुक्त आतंकवाद-रोधी टीम आगे की जांच के लिए अतिरिक्त सर्च वारंट लागू करेगी और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर आरोपियों की गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।
जांच जारी है और पुलिस ने फिलहाल इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की है।