हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली एंट्री फीस में बड़ा इजाफा किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश की राजधानी शिमला समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा अब महंगी हो जाएगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एंट्री फीस में कुछ श्रेणियों में ढाई गुना तक वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगी। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से शुल्क में संशोधन नहीं हुआ था, जबकि सड़कों के रखरखाव, ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर खर्च लगातार बढ़ रहा है।
नई व्यवस्था के तहत निजी कारों, टैक्सियों, बसों और मालवाहक वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। हल्के निजी वाहनों पर मामूली बढ़ोतरी की गई है, जबकि व्यावसायिक और भारी वाहनों पर शुल्क में ज्यादा इजाफा किया गया है। इससे पर्यटन सीजन के दौरान शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे शहरों की यात्रा करने वालों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि एंट्री फीस में वृद्धि से मिलने वाला राजस्व सड़क मरम्मत, पार्किंग सुविधाओं के विस्तार और यातायात नियंत्रण व्यवस्था को बेहतर बनाने में खर्च किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने आशंका जताई है कि एंट्री फीस बढ़ने से पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है। होटल और ट्रैवल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई और यात्रा खर्च बढ़ने से पर्यटक प्रभावित हैं, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से पर्यटन उद्योग को नुकसान हो सकता है।
हालांकि, सरकार का दावा है कि शुल्क वृद्धि संतुलित है और इससे आम पर्यटकों पर बहुत ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। आने वाले पर्यटन सीजन में यह देखना अहम होगा कि इस फैसले का प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर कितना प्रभाव पड़ता है।