यरुशलम/कैनबरा।
इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने उम्मीद जताई है कि उनकी ऑस्ट्रेलिया यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई दिशा देगी। राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने स्वीकार किया कि उनका यह दौरा विवादों से अछूता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वह इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया के बीच “जोश, विश्वास और आपसी प्रेम” को फिर से मजबूत करना चाहते हैं।
राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने यात्रा से पहले जारी अपने बयान में कहा कि Israel और Australia के रिश्ते केवल कूटनीतिक औपचारिकताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक सहयोग और लोगों के बीच गहरे मानवीय संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के दौर में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।
हालांकि, राष्ट्रपति की इस यात्रा को लेकर ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध भी देखने को मिल रहा है। मानवाधिकार संगठनों और कुछ विपक्षी दलों ने इज़राइल की नीतियों, विशेष रूप से फ़िलिस्तीन से जुड़े मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई है। इन आलोचनाओं के बीच हर्ज़ोग ने ज़ोर देकर कहा कि मतभेदों का समाधान टकराव नहीं, बल्कि खुले संवाद और पारस्परिक समझ से ही संभव है।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति हर्ज़ोग ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व, सांसदों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और यहूदी समुदाय के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में सुरक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश, तकनीकी नवाचार, शिक्षा तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इज़राइल-ऑस्ट्रेलिया संबंध कुछ हद तक संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति हर्ज़ोग की यह पहल दोनों देशों के रिश्तों में विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने कहा, “मैं इस यात्रा को भविष्य की ओर देखने के अवसर के रूप में देखता हूं — एक ऐसा अवसर जो हमारे देशों और हमारे लोगों के बीच रिश्तों को नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा दे सके।”