नई दिल्ली – लोकसभा में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर ज़बरदस्त बहस देखने को मिली। करीब 16 घंटे चली इस चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कई बार बहस सीधे आरोप-प्रत्यारोप के रूप में सामने आई, तो कई बार तीखे व्यंग्य और कटाक्ष के ज़रिये।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहस की शुरुआत करते हुए विपक्ष के सवालों को “सेना के हौसले को कमजोर करने वाला” करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह पूछने के बजाय कि ऑपरेशन में हमारे कितने विमान गिरे, यह पूछना चाहिए कि “हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने ठिकाने तबाह किए?” उन्होंने जोर देकर कहा कि परिणाम मायने रखते हैं, न कि प्रक्रिया की छोटी-छोटी कमियाँ।
कांग्रेस उपनेता गौरव गोगोई ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोका गया और अब तक आतंकियों को पकड़ा क्यों नहीं गया। उन्होंने यह भी पूछा कि पहलगाम जैसे हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में आतंकी घुसे कैसे? साथ ही, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक ज़िम्मेदारी लेने की मांग की और कहा कि "अब अगर POK नहीं लेंगे तो कब लेंगे?"
जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर आतंकवाद पर भारत की नीति पर बोल रहे थे, विपक्षी नेताओं ने ट्रंप के कथित संघर्षविराम वाले बयान को लेकर हंगामा किया। इस पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क उठे और विपक्ष पर “विदेशी बयानों पर ज़्यादा विश्वास करने” का आरोप लगाया। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, "अगर यही रवैया रहा तो विपक्ष को 20 साल और इंतज़ार करना पड़ेगा।"
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने गोगोई पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने सेना के पराक्रम का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने यूपीए सरकार पर आतंकवाद से निपटने में “कायरता” दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही, बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर हो रहे शोर को लेकर विपक्ष पर तंज कसते हुए बोले, “असली नस पकड़ी गई है, अब इलाज भी पक्का होगा।”
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘एलओपी’ (नेता विपक्ष) की जगह ‘एलओबी’ (लीडर ऑपोजिंग भारत) कहकर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान के दुष्प्रचार के 'पोस्टर ब्वॉय' बन गए हैं। ठाकुर ने यह भी कहा कि जब सेना सीमाओं पर संघर्ष कर रही थी, राहुल गांधी सबूत मांग रहे थे।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्र में इतने सुरक्षा बल होने के बावजूद आतंकवादी कैसे दाखिल हुए? उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित सीजफायर ऐलान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “भारत संप्रभु देश है, फिर ट्रंप संघर्षविराम की घोषणा कैसे कर रहे हैं और भारत सरकार उसका खंडन तक नहीं कर रही?”