हमास ने युद्धविराम प्रस्ताव स्वीकारा, बातचीत को तैयार

हमास ने युद्धविराम प्रस्ताव स्वीकारा, बातचीत को तैयार

गाजा में जारी 22 महीने लंबे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हमास ने मध्यस्थों के नए युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव के तहत 60 दिनों का संघर्षविराम, मानवीय सहायता की आपूर्ति और कैदियों की अदला-बदली का रास्ता खुल सकता है।


युद्धविराम की शर्तें

हमास के वरिष्ठ नेता बासेम नाइम ने फेसबुक पर पुष्टि की कि संगठन ने बिना किसी संशोधन के नए प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। इस समझौते के अनुसार:

  • 60 दिनों तक संघर्ष विराम रहेगा।

  • लगभग 50 इसराइली बंधकों में से आधे को दो चरणों में रिहा किया जाएगा।

  • इसके बदले में कई फ़लस्तीनी क़ैदियों को छोड़ा जाएगा।

  • गाज़ा में राहत सामग्री और मानवीय सहायता पहुँचाने की अनुमति दी जाएगी।

मध्यस्थता की भूमिका क़तर और मिस्र निभा रहे हैं, जिन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त है।


इसराइल की प्रतिक्रिया

इसराइल ने कहा है कि उसकी स्थिति अब भी वही है — सभी बंधकों की रिहाई और हमास के निरस्त्रीकरण के बिना युद्ध का अंत संभव नहीं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया कि गाज़ा पर इसराइल का नियंत्रण और फ़लस्तीनी अथॉरिटी की भूमिका समाप्त करना ज़रूरी है।


अमेरिका का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तक हमास का पूरी तरह सामना और विनाश नहीं होगा, तब तक बचे हुए बंधक वापस नहीं आएंगे।


मानवीय संकट और विरोध प्रदर्शन

इस युद्ध ने गाज़ा में गहरी मानवीय त्रासदी पैदा कर दी है। राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इसराइल की सैन्य कार्रवाई से लाखों फ़लस्तीनी एक ऐसे क्षेत्र में धकेले जा सकते हैं जहां बुनियादी ढाँचा और सेवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं।

दूसरी ओर, इसराइल के भीतर युद्ध-विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। तेल अवीव समेत देशभर में लाखों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार से युद्ध रोकने व बंधकों की सुरक्षित वापसी की मांग की। नेतन्याहू ने इन प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे हमास का मनोबल बढ़ता है और बंधकों की रिहाई मुश्किल होती है।


हालात अब भी तनावपूर्ण

गाज़ा के कई इलाकों से गोलाबारी और टैंकों की तैनाती की खबरें आई हैं। सोमवार को गाज़ा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने 20 लोगों की मौत का दावा किया, हालांकि इसराइली सेना ने किसी हताहत की जानकारी से इनकार किया।