जनरल पैंट्स को ने कोर्ट की चेतावनी के बाद चुकाया 69,000 डॉलर का बकाया, लिक्विडेशन के खिलाफ लड़ेगा केस

जनरल पैंट्स को ने कोर्ट की चेतावनी के बाद चुकाया 69,000 डॉलर का बकाया, लिक्विडेशन के खिलाफ लड़ेगा केस

ऑस्ट्रेलिया की मशहूर फैशन रिटेल चेन जनरल पैंट्स को ने पुष्टि की है कि उसने अपने एक प्रमुख सप्लायर का करीब 69,836 डॉलर का बकाया चुका दिया है। यह भुगतान विक्टोरियन सुप्रीम कोर्ट में लिक्विडेशन याचिका दायर किए जाने के बाद किया गया।

सप्लायर UCC ऑस्ट्रेलिया ने 17 जुलाई को कंपनी के खिलाफ एक विंडिंग अप एप्लिकेशन (कंपनी को समाप्त करने की याचिका) दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि जनरल पैंट्स ने अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच डिलीवर किए गए स्टॉक का भुगतान नहीं किया। इस स्टॉक में कैमरे और फिल्म जैसी वस्तुएं शामिल थीं।

याचिका में कहा गया है कि जनरल पैंट्स को 17 जून को कानूनी नोटिस भेजा गया था जिसमें 21 दिनों के भीतर बकाया चुकाने का आदेश दिया गया था। जब कंपनी ने इस अवधि में भुगतान नहीं किया, तो UCC ने कोर्ट से एक लिक्विडेटर नियुक्त करने की मांग की।

हालांकि, 24 जुलाई को दायर एक आधिकारिक जवाब में जनरल पैंट्स को के वकीलों ने स्पष्ट किया कि कंपनी न तो दिवालिया है और न ही भुगतान में असमर्थ। उन्होंने बताया कि कंपनी ने बकाया चुका दिया है और कोर्ट में याचिका का विरोध करेगी।

अब यह मामला 20 अगस्त को विक्टोरियन सुप्रीम कोर्ट में ज्यूडिशियल रजिस्ट्रार के सामने पेश होगा।

जनरल पैंट्स को पिछले 50 वर्षों से ऑस्ट्रेलियाई युवाओं की पसंदीदा फैशन चेन रही है, जिसके ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में कुल 55 स्टोर हैं।

वहीं, UCC ऑस्ट्रेलिया एक प्रमुख आयातक और थोक व्यापारी है जो Myer, Big W, Kmart, Woolworths और Amazon जैसे बड़े ब्रांड्स को इलेक्ट्रॉनिक्स और एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की आपूर्ति करता है।

अब देखना होगा कि कोर्ट जनरल पैंट्स की दलीलें स्वीकार करता है या नहीं — लेकिन कंपनी का यह दावा कि वह सॉल्वेंट (वित्तीय रूप से सक्षम) है और विवादित भुगतान कर चुकी है, उसके पक्ष में एक मजबूत आधार बन सकता है।