अम्मान/गाज़ा।
जॉर्डन वायुसेना का सी-130 विमान गुरुवार को गाज़ा के लिए मानवीय सहायता का हवाई वितरण कर रहा था, तभी विमान से दिखा—गाज़ा सिटी के ऊपर काले धुएँ के गुबार उठ रहे थे। कभी 7 लाख की आबादी वाला यह शहर आज लगभग खंडहर में बदल चुका है।
इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष के लंबे दौर में गाज़ा सिटी पहले ही कई बार इज़राइली हवाई हमलों का शिकार बन चुकी है। लगातार बमबारी और जमीनी कार्रवाइयों ने यहाँ का बुनियादी ढाँचा लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अब सुरक्षा सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल गाज़ा सिटी में पूर्ण सैन्य नियंत्रण स्थापित करने की रणनीति पर विचार कर रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इज़राइली सेना अगले चरण में—
शहर के उत्तरी और मध्य हिस्सों में स्थायी सैन्य चौकियाँ स्थापित कर सकती है।
मुख्य सड़क नेटवर्क और बंदरगाह क्षेत्रों पर प्रत्यक्ष नियंत्रण ले सकती है, जिससे आपूर्ति और आवाजाही सीमित हो जाएगी।
संदिग्ध हमास ठिकानों की संपूर्ण खोज और नष्ट करने की कार्रवाई तेज की जाएगी।
नागरिक आबादी को दक्षिणी गाज़ा की ओर जबरन विस्थापित किया जा सकता है, जिससे उत्तरी गाज़ा लगभग खाली हो जाए।
इस संभावित योजना ने मानवीय संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। बिजली-पानी की कमी, चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और भोजन की भारी तंगी के बीच स्थानीय लोगों का जीवन पहले ही बेहद कठिन हो चुका है। हज़ारों परिवार बेघर होकर अस्थायी शिविरों में शरण ले रहे हैं। यदि उत्तरी गाज़ा से बड़े पैमाने पर विस्थापन होता है, तो दक्षिणी इलाकों में भी संसाधनों पर भारी दबाव पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से युद्धविराम और राहत पहुँचाने की अपील की है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में किसी त्वरित समाधान की संभावना कम दिख रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह योजना लागू होती है, तो गाज़ा सिटी का भूगोल और जनसांख्यिकी आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल सकती है।