जीपी सेवाएँ महँगी होने पर विपक्ष का हमला, स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकेयर रिकॉर्ड का बचाव किया

जीपी सेवाएँ महँगी होने पर विपक्ष का हमला, स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकेयर रिकॉर्ड का बचाव किया

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में सामान्य चिकित्सक (GP) से इलाज की लागत तेज़ी से बढ़ने को लेकर संघीय स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। नए आंकड़ों में सामने आया है कि बीते एक वर्ष में जीपी पर मरीजों का जेब से होने वाला खर्च काफ़ी बढ़ा है, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर विफलता का आरोप लगाया है।

शैडो हेल्थ मंत्री ऐन रस्टन ने लेबर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद सरकार न तो स्वास्थ्य सेवाओं की लागत नियंत्रित कर पाई है और न ही बल्क-बिलिंग क्लीनिकों की संख्या बढ़ा सकी है। उन्होंने कहा कि महँगाई, किराए और बिजली बिलों के बोझ से जूझ रहे परिवारों के लिए डॉक्टर से मिलना अब और कठिन होता जा रहा है।

हाल ही में जारी क्लीनबिल ब्लू रिपोर्ट के अनुसार, जीपी विज़िट पर औसत आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च में 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि मेडिकेयर के इतिहास में पहली बार औसत शुल्क 50 डॉलर से अधिक हो गया है।

हालाँकि स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने इन आंकड़ों को “भ्रामक और अविश्वसनीय” बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि क्लीनबिल रिपोर्ट में शामिल कुछ विश्लेषणों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और उन्हें तथ्यात्मक मानकर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्री बटलर ने सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि नवंबर 2025 के बाद से 3,200 से अधिक जीपी प्रैक्टिस अब पूरी तरह बल्क-बिलिंग कर रही हैं, जिनमें से लगभग 1,200 पहले मिश्रित बिलिंग मॉडल पर थीं। उन्होंने यह भी बताया कि मायमेडिकेयर योजना के तहत 7,500 के करीब जनरल प्रैक्टिस पंजीकृत हो चुकी हैं।

इसके बावजूद ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर (AIHW) के हालिया आंकड़ों में यह संकेत मिला है कि बल्क-बिलिंग की दर में गिरावट आई है। 2022 में जहां 16 से 64 वर्ष के मरीजों के लगभग 80 प्रतिशत जीपी अपॉइंटमेंट बल्क-बिल्ड थे, वहीं यह आंकड़ा 2023 में 70 प्रतिशत और अक्टूबर 2024 तक 69 प्रतिशत रह गया।

विपक्ष का दावा है कि बढ़ती लागत के कारण लोग डॉक्टर के पास जाने से बच रहे हैं और रोज़ाना लगभग 10,000 कम जीपी विज़िट हो रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार की भविष्य की योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि 2030 तक पूरी तरह बल्क-बिलिंग करने वाली प्रैक्टिस की संख्या बढ़ाकर लगभग 4,800 करने का लक्ष्य है। साथ ही सरकार ने 137 मेडिकेयर अर्जेंट केयर क्लीनिक खोलने और 24 घंटे मुफ्त टेलीहेल्थ सेवा के विस्तार पर भी ज़ोर दिया है।

वहीं विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री के “मुफ़्त जीपी इलाज” के वादे ज़मीनी स्तर पर पूरे नहीं हो रहे और कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिक या तो इलाज टालने को मजबूर हैं या बढ़ती फीस क्रेडिट कार्ड पर डाल रहे हैं।