विक्टोरिया पुलिस ने 12 मई को 26 वर्षीय जोशुआ ब्राउन को पॉइंट कुक से गिरफ्तार किया। आरोपी ने 2017 से 2025 के बीच मेलबर्न के 20 से अधिक चाइल्डकेयर सेंटर्स में काम किया था। पुलिस ने बताया कि ब्राउन पर अब तक 70 से अधिक आरोप लगे हैं जिनमें शामिल हैं — 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन संबंध बनाना, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन शोषण, और बाल यौन शोषण सामग्री का निर्माण करना।
मासूमों की उम्र मात्र 5 महीने से 2 साल तक
अब तक जिन आठ बच्चों की पहचान पीड़ित के रूप में हुई है, वे केवल 5 महीने से लेकर 2 साल की उम्र के हैं। ये घटनाएं अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 के बीच पॉइंट कुक स्थित एक चाइल्डकेयर सेंटर की हैं।
सरकारी स्वास्थ्य चेतावनी – 1200 बच्चों की जांच
विक्टोरिया के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. क्रिश्चियन मैक्ग्राथ ने बताया कि जोशुआ ब्राउन के संपर्क में आए लगभग 1200 बच्चों की जांच की जाएगी। आशंका है कि ये बच्चे एक इलाज़ योग्य संक्रामक रोग के संपर्क में आए हो सकते हैं, जिसका नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है। यह जांच निःशुल्क करवाई जाएगी और सरकार इसके लिए सभी प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है।
सार्वजनिक हित में नाम और कार्यस्थल किए गए सार्वजनिक
विक्टोरिया पुलिस की कार्यवाहक कमांडर जेनेट स्टीवेन्सन ने बताया कि ब्राउन के नाम और जिन चाइल्डकेयर सेंटर्स में उसने काम किया था, उनकी सूची को सार्वजनिक करना एक असामान्य कदम था, लेकिन यह माता-पिता को जागरूक करने के लिए आवश्यक था।
कोर्ट में 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
जोशुआ ब्राउन फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसकी अगली पेशी 15 सितंबर को होगी। पुलिस के अनुसार, ब्राउन पहले कभी आपराधिक रिकॉर्ड में नहीं आया था और उसके पास वैध वर्किंग विद चिल्ड्रन सर्टिफिकेट था।
मुख्यमंत्री जैसिंटा एलन का बयान
विक्टोरिया की मुख्यमंत्री जैसिंटा एलन ने कहा, "इन आरोपों को सुनकर मुझे घोर आक्रोश और दुख हुआ है। हम इस मामले की गहराई से जांच करवा रहे हैं और आवश्यक सुधारों पर विचार करेंगे।"
पुलिस की अपील – जानकारी साझा करें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी हो — चाहे वह कोई माता-पिता हो या पूर्व सहकर्मी — तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था के लिए, बल्कि समाज की नैतिक चेतना के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन ने जांच तेज कर दी है, और सभी पीड़ित परिवारों को आवश्यक मानसिक, चिकित्सीय और कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।