बांग्लादेश में पाकिस्तानी दखल का आरोप, अवामी लीग के पूर्व सांसद ने लगाए गंभीर दावे

बांग्लादेश में पाकिस्तानी दखल का आरोप, अवामी लीग के पूर्व सांसद ने लगाए गंभीर दावे

नई दिल्ली/ढाका।
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर विवाद तेज हो गया है। अवामी लीग के पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां बांग्लादेश में बढ़ी हैं। उन्होंने मौजूदा अंतरिम प्रशासन पर विदेशी प्रभाव को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में नसीम ने दावा किया कि हाल के दिनों में पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके अनुसार, आईएसआई के शीर्ष अधिकारियों और पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अफसरों का ढाका आना-जाना बढ़ गया है, जिसे लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शेख हसीना के कार्यकाल में नहीं मिली घुसपैठ की अनुमति

पूर्व सांसद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में पाकिस्तान या उसकी खुफिया एजेंसियों को बांग्लादेश में किसी तरह की दखलअंदाजी का अवसर नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि उस समय देश में आंतरिक सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम थी।

नसीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएसआई पर लगाए जाते रहे आरोपों का भी उल्लेख किया, जिनमें दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने के आरोप शामिल हैं।

अंतरिम सरकार पर विदेशी प्रभाव का आरोप

अवामी लीग नेता ने मौजूदा अंतरिम प्रशासन को “अवैध” करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थित तत्वों को सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में जगह मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने भी पाकिस्तान के साथ संपर्क बढ़ाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कराची और चटगांव बंदरगाहों के बीच सीधी व्यावसायिक शिपिंग सेवा की शुरुआत हालिया घटनाक्रम का हिस्सा है, जो पिछले कई दशकों में नहीं देखी गई थी।

संवेदनशील क्षेत्रों में गतिविधियों का दावा

नसीम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश के रणनीतिक और संवेदनशील इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ आईएसआई अधिकारियों ने देश के भीतर ठिकाने बना लिए हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

अवामी लीग ने इन आरोपों पर चिंता जताते हुए कहा है कि बांग्लादेश की जनता किसी भी विदेशी खुफिया एजेंसी की मौजूदगी को स्वीकार नहीं करेगी। पार्टी ने सरकार से देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।