ट्रंप–मेलानिया की व्हाइट हाउस दावत में चमके पाँच भारतीय मूल के चेहरे

ट्रंप–मेलानिया की व्हाइट हाउस दावत में चमके पाँच भारतीय मूल के चेहरे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गजों के सम्मान में भव्य डिनर पार्टी का आयोजन किया। इस मौके पर दुनिया की शीर्ष तकनीकी कंपनियों के CEO मौजूद रहे। विशेष बात यह रही कि इस दावत में पाँच भारतीय मूल के नेता भी शिरकत करते दिखे, जिनकी उपस्थिति ने भारतवंशियों का कद और ऊँचा कर दिया।


मेलानिया ने लॉन्च किया "प्रेसिडेंशियल एआई चैलेंज"

डिनर के दौरान मेलानिया ट्रंप ने एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम – “प्रेसिडेंशियल एआई चैलेंज” – की घोषणा की। इसका उद्देश्य आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को शिक्षा और समाज की बेहतरी में अधिकतम रूप से इस्तेमाल करना है। इसमें अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों ने बढ़-चढ़कर समर्थन देने का वादा किया।

  • माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला ने घोषणा की कि कंपनी 4 अरब डॉलर खर्च करेगी और स्कूल-कॉलेजों व शिक्षकों को मुफ्त AI टूल्स उपलब्ध कराएगी।

  • गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनी अगले तीन साल में 1 अरब डॉलर AI शिक्षा पर निवेश करेगी।

  • अन्य भारतीय मूल प्रवक्ताओं ने भी नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।


भारतीय मूल के पाँच चेहरे

  1. सत्या नडेला (Microsoft CEO) – AI शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता जताई।

  2. सुंदर पिचाई (Google CEO) – भविष्य की पीढ़ी को AI कौशल सिखाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

  3. मल्होत्रा – भारतीय मूल के एक अन्य तकनीकी उद्यमी/कार्यकारी, जिनकी उपस्थिति ने इंडियन डायस्पोरा का प्रतिनिधित्व किया।

  4. विवेक – भारतीय मूल के एक और प्रमुख प्रतिभागी, जो टेक इंडस्ट्री से जुड़े हैं।

  5. श्याम शंकर (Palantir के कार्यकारी) – डेटा और सुरक्षा क्षेत्र में कंपनी की जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।

(नोट: मीडिया रिपोर्टों में “मल्होत्रा” और “विवेक” के पूरे नाम और पद स्पष्ट नहीं बताए गए हैं।)


मस्क की अनुपस्थिति रही चर्चा में

जहाँ इस डिनर में नडेला, पिचाई और शंकर जैसे चेहरे मौजूद रहे, वहीं एलन मस्क की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। आमंत्रण मिलने के बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। इससे टेस्ला और ट्विटर (X) के रुख पर सवाल उठे।


भारतीय मूल के नेताओं का बढ़ता प्रभाव

व्हाइट हाउस की यह दावत इस बात का प्रमाण है कि अमेरिकी तकनीकी जगत में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। सत्या नडेला और सुंदर पिचाई जैसे दिग्गज न सिर्फ अपनी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि अमेरिका की तकनीकी और शैक्षिक नीतियों को भी प्रभावित कर रहे हैं।

भारतीय समुदाय के लिए यह गौरव का अवसर है कि दुनिया की सबसे ताकतवर राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में उनकी मौजूदगी अहम भूमिका निभा रही है।