वॉशिंगटन।
अमेरिका में सामने आए आंतरिक सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार, संघीय जाँच एजेंसी एफबीआई को ऐसे ठोस प्रमाण नहीं मिले जिनसे यह साबित हो सके कि कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन ने नाबालिग लड़कियों को अन्य शक्तिशाली लोगों तक यौन शोषण के लिए भेजा था।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) द्वारा समीक्षा किए गए इन दस्तावेज़ों में कहा गया है कि जाँचकर्ताओं के पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि एप्स्टीन ने स्वयं कई नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया, लेकिन वह किसी संगठित सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क का संचालन कर रहा था—इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी।
एक अभियोजक के 2025 के गोपनीय ज्ञापन के अनुसार, एप्स्टीन के न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और वर्जिन आइलैंड्स स्थित आवासों से जब्त किए गए वीडियो और तस्वीरों में न तो किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता दिखाई दी और न ही किसी पीड़िता के साथ अन्य लोगों द्वारा दुर्व्यवहार के दृश्य मिले।
इसके अलावा, 2019 के एक अन्य आंतरिक दस्तावेज़ में कहा गया है कि एप्स्टीन के वित्तीय लेन-देन—जिनमें शिक्षा, वित्त और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े प्रभावशाली लोगों से संबंधित संस्थाएँ शामिल थीं—किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़े नहीं पाए गए।
जुलाई 2025 में भेजे गए एक ईमेल में संघीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एप्स्टीन और उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, जबकि चार या पाँच पीड़िताओं ने दावा किया था कि उनके साथ अन्य लोगों ने भी दुर्व्यवहार किया था।
गौरतलब है कि एप्स्टीन के खिलाफ पहली शिकायत 1990 के दशक में दर्ज हुई थी, लेकिन उसे न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने में लगभग एक दशक लग गया। वर्ष 2008 में उसे नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने समेत कई आरोपों में दोषी ठहराया गया था, हालांकि उस समय उसे बेहद नरम सज़ा मिली थी।
हाल ही में सार्वजनिक किए गए लाखों दस्तावेज़ों और ईमेल्स से यह भी सामने आया है कि सज़ा काटने और जेल से रिहा होने के बाद भी कई प्रभावशाली लोग एप्स्टीन के संपर्क में बने रहे।
एप्स्टीन की गिरफ्तारी के बाद 2019 में जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वहीं उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को बाद में यौन तस्करी के कई मामलों में दोषी ठहराया गया और वह वर्तमान में 20 साल की सज़ा काट रही है।
इसी बीच, अमेरिका की कांग्रेस द्वारा पारित एक कानून के तहत एप्स्टीन से जुड़े सभी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने का आदेश दिया गया था। हालांकि कानून के प्रस्तावकों का कहना है कि अब भी लाखों फाइलें जारी नहीं की गई हैं।
इस मुद्दे पर एप्स्टीन की कई पीड़िताएं हाल ही में एक विज्ञापन के माध्यम से सामने आईं और सरकार से पूरी सच्चाई उजागर करने की मांग की। उनका कहना है कि “हम सभी को सच्चाई जानने का हक़ है।”
उधर, अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि बिना ठोस सबूतों के किसी के खिलाफ मामला नहीं बनाया जा सकता। वहीं कांग्रेस की एक समिति अब इस पूरे प्रकरण में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका और संभावित चूक की जाँच कर रही है।
गिस्लेन मैक्सवेल को भी कांग्रेस के समक्ष वीडियो लिंक के ज़रिये बयान देने के लिए बुलाया गया है, हालांकि उनके वकीलों ने संकेत दिया है कि वह आत्म-दोषारोपण से बचने के लिए सवालों का जवाब देने से इनकार कर सकती हैं।