सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि FASTag वार्षिक पास योजना को शुरू हुए महज छह महीनों में ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस योजना के तहत अब तक 50 लाख से अधिक वाहन मालिक वार्षिक पास का लाभ उठा चुके हैं, जबकि इस अवधि में कुल 26.55 करोड़ से ज्यादा टोल लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से 15 अगस्त 2025 को FASTag वार्षिक पास की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत तीन हजार रुपये की एकमुश्त राशि चुकाने पर एक साल की वैधता या अधिकतम 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है।
वार्षिक पास के उपयोग के मामले में चंडीगढ़ देशभर में पहले स्थान पर रहा है। कुल वार्षिक पास लेनदेन में चंडीगढ़ की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत रही। इसके बाद तमिलनाडु 12.3 प्रतिशत के साथ दूसरे और दिल्ली 11.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर FASTag वार्षिक पास का उपयोग सबसे अधिक देखा गया। यहां कुल वाहन क्रॉसिंग का लगभग 57 प्रतिशत वार्षिक पास के जरिये हुआ, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।
मंत्रालय के अनुसार, यह सुविधा देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर स्थित करीब 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है। सरकार का मानना है कि FASTag वार्षिक पास न सिर्फ यात्रियों का समय बचा रहा है, बल्कि टोल खर्च में भी बड़ी राहत दे रहा है।