ऑस्ट्रेलिया में एक नया आर्थिक प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें परिवार के घर (फैमिली होम) पर टैक्स लगाने की बात कही गई है। इसे कई लोग "अप्रिय" (distasteful) मान रहे हैं, लेकिन समर्थकों का कहना है कि यह कदम असमानता घटाने के लिए जरूरी है।
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी और मेलबर्न यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्रियों प्रो. पीटर सिमिंस्की और प्रो. रोजर विल्किन्स का कहना है कि अब समय आ गया है कि फैमिली होम पर कैपिटल गेन टैक्स (CGT) छूट खत्म करने पर विचार किया जाए।
1986 में लाए गए CGT से हमेशा मुख्य निवास (फैमिली होम) को छूट दी गई है।
ट्रेजरी का अनुमान है कि इस छूट की वजह से सरकार हर साल करीब 50 अरब डॉलर का राजस्व खोती है।
1999 में हावर्ड सरकार ने एक और रियायत दी थी—अगर कोई संपत्ति 12 महीने से ज्यादा रखी जाए तो उस पर 50% की छूट मिलेगी। इस वजह से करीब 19 अरब डॉलर सालाना का नुकसान होता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मालिकाना मकान (owner-occupied housing) असमानता को और बढ़ाता है।
मकान मालिकों की औसत आय किराएदारों से 86% ज्यादा है, जबकि सामान्य गिनती में यह फर्क केवल 34% दिखता है।
टैक्स-मुक्त संपत्ति से अमीरों का औसत टैक्स दर कम हो जाता है।
इससे निवेश आवासीय प्रॉपर्टी में अटक जाता है, जबकि वही पैसा बिजनेस या उत्पादन में लगाया जाए तो रोज़गार और वेतन बढ़ सकते हैं।
भूमि कर (land tax)
हाउसिंग वेल्थ टैक्स
संपत्ति पर व्यापक वेल्थ टैक्स
अब तक किसी भी बड़ी पार्टी ने इस छूट को खत्म करने का प्रस्ताव नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
आलोचकों का कहना है कि इससे लोग अपने घर बेचकर अपग्रेड नहीं कर पाएंगे।
कुछ ने इसे “डरावना” और “अनुचित” बताया, खासकर उन बुजुर्गों के लिए जिन्हें downsizing (बड़ा घर बेचकर छोटा घर खरीदना) करना है।
ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट ने भी संपत्ति पर टैक्स लगाने की वकालत की है। उनके सुझाव:
CGT छूट खत्म करना
5 मिलियन डॉलर से ऊपर की संपत्ति पर 2% वेल्थ टैक्स
इनहेरिटेंस टैक्स (विरासत कर) दोबारा लागू करना
इनसे सरकार को सालाना करीब 70 अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।