यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में यूरोपीय संघ ने अमेरिका के खिलाफ करीब 93 अरब यूरो (लगभग 9,767 अरब रुपये) के जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद के बाद सामने आया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी, जिसमें अमेरिका के खिलाफ सख्त आर्थिक कदमों पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में न सिर्फ भारी टैरिफ लगाने, बल्कि अमेरिकी कंपनियों की यूरोपीय बाजार में गतिविधियों को सीमित करने या कुछ मामलों में रोक लगाने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया गया।
यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका की हालिया नीतियां और बयान यूरोप के रणनीतिक और आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में EU अब केवल कूटनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि ठोस आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसका सीधा असर अमेरिकी निर्यात, बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। साथ ही ट्रंप प्रशासन के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक झटका साबित हो सकता है।
फिलहाल यूरोपीय संघ की ओर से अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका–यूरोप व्यापार संबंधों में और कड़वाहट देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस पर टिकी है कि क्या यह विवाद बातचीत से सुलझेगा या फिर वैश्विक व्यापार युद्ध की ओर एक और कदम बढ़ेगा।