मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा पर ED का शिकंजा, दो कंपनियों से 58 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा पर ED का शिकंजा, दो कंपनियों से 58 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने रविवार को दिल्ली की विशेष अदालत में वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दायर की। एजेंसी का आरोप है कि वाड्रा ने दो कंपनियों के माध्यम से अवैध वित्तीय लेन-देन कर लगभग 58 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी कमाई की।

कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करने का आरोप
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, वाड्रा ने कथित रूप से इन कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया। जांच में यह भी सामने आया है कि इन कंपनियों के जरिए विदेशों में कई संपत्तियां खरीदी गईं और भारी निवेश किया गया। एजेंसी ने वित्तीय दस्तावेज़, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, ईमेल और अनुबंधों को सबूत के रूप में पेश किया है।

लंबे समय से चल रही जांच
यह मामला कई साल पुराना है और ईडी 2015 से इसकी जांच कर रही है। पहले भी वाड्रा से कई बार पूछताछ हो चुकी है। इस दौरान एजेंसी ने लंदन और दुबई में संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई, जिन्हें कथित रूप से अवैध फंड से खरीदा गया था।

राजनीतिक हलचल तेज
चार्जशीट दाखिल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह “भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण” है। वहीं, कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया
अदालत इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय करेगी। अगर आरोप साबित होते हैं, तो वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत सख्त सजा हो सकती है, जिसमें लंबी जेल की अवधि और भारी जुर्माना शामिल है।