नई दिल्ली, 06 सितंबर 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा इंडिया समूह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.74 लाख करोड़ रुपये के कथित घोटाले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट कोलकाता की पीएमएलए (PMLA) अदालत में दायर की गई है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि सहारा इंडिया और उसके शीर्ष अधिकारियों ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाए। आरोप है कि यह पैसा नियमानुसार निवेशकों को लौटाया नहीं गया। चार्जशीट में सहारा समूह के संस्थापक सुब्रतो रॉय की पत्नी सपना रॉय, बेटा सुशांतो रॉय, और अधिकारियों जेपी वर्मा, अनिल अब्राहम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
ईडी के अनुसार, सुब्रतो रॉय का बेटा सुशांतो रॉय जांच में शामिल नहीं हुआ। एजेंसी ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि सहारा समूह के मुखिया सुब्रतो रॉय का नवंबर 2023 में 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके जीवनकाल में ही सहारा पर निवेशकों के धन की हेराफेरी को लेकर कई मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से कई अभी भी अदालतों में लंबित हैं।
पिछले महीने ही ईडी ने सहारा समूह से जुड़ी विभिन्न संपत्तियों और लेन-देन की जांच के लिए नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और लखनऊ, राजस्थान के श्रीगंगानगर और मुंबई स्थित परिसरों को शामिल किया गया था। एजेंसी का कहना है कि इन छापों में भूमि और शेयर लेन-देन से संबंधित अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे।
ईडी द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट से मामले की सुनवाई को नई दिशा मिल सकती है। अगर अदालत आरोपों को स्वीकार करती है, तो सहारा समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज होगी और निवेशकों के धन की वसूली की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।