मुख्य कार्यपालक अधिकारी गेल कॉनॉली पर आरोप – स्टाफ मीटिंग्स में कर्मचारियों से पूछी गई वैवाहिक स्थिति

मुख्य कार्यपालक अधिकारी गेल कॉनॉली पर आरोप – स्टाफ मीटिंग्स में कर्मचारियों से पूछी गई वैवाहिक स्थिति

सिडनी, ऑस्ट्रेलिया।
न्यू साउथ वेल्स के पैरामाटा नगर परिषद (City of Parramatta) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) गेल कॉनॉली इन दिनों गंभीर विवादों में घिरी हुई हैं। परिषद के अंदरूनी सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वर्ष आयोजित कई ऑल-स्टाफ बैठकों में कॉनॉली ने कर्मचारियों से उनकी वैवाहिक स्थिति यानी शादीशुदा या अविवाहित होने के बारे में सवाल पूछे।

यह कदम परिषद कर्मचारियों के बीच असहजता का कारण बना और अब इसे निजता के उल्लंघन तथा संभावित भेदभाव के तौर पर देखा जा रहा है।


कर्मचारियों में नाराज़गी और असहजता

सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने इन सवालों को व्यक्तिगत जीवन में अनुचित हस्तक्षेप माना। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर किसी व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति का कोई महत्व नहीं होना चाहिए, और इस प्रकार के सवाल उनके अधिकारों और आत्मसम्मान को चोट पहुंचाते हैं।

एक कर्मचारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा, “हम यहाँ काम करने आए हैं, निजी जीवन के सवालों के जवाब देने के लिए नहीं। जब हमारे शीर्ष अधिकारी ही ऐसी बातें पूछेंगे तो असहजता और डर का माहौल बनेगा।”


कॉनॉली की सफाई

गेल कॉनॉली की ओर से अब तक कोई औपचारिक सार्वजनिक बयान नहीं आया है, लेकिन परिषद सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी बातचीत को “अनौपचारिक” और “सहज संवाद” के रूप में प्रस्तुत किया। उनका दावा है कि उनका मक़सद कर्मचारियों को बेहतर समझना था, न कि किसी तरह का भेदभाव करना।


पद छोड़ने की तैयारी के बीच उठा विवाद

दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब गेल कॉनॉली परिषद के शीर्ष पद से हटने के लिए बातचीत (Negotiation) कर रही हैं। इस बीच आरोपों का खुलासा होना उनके करियर और विदाई समझौते को प्रभावित कर सकता है।


कानूनी पहलू

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला भेदभाव (Discrimination) की श्रेणी में आ सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई रोजगार कानून (Australian Employment Law) के तहत किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत स्थिति – जैसे कि उम्र, लिंग, धर्म या वैवाहिक स्थिति – को आधार बनाकर सवाल पूछना या निर्णय लेना विवादित माना जा सकता है।

निजता और समान अवसर आयोग (Privacy and Equal Opportunity bodies) ऐसे मामलों पर जांच शुरू कर सकते हैं।


परिषद और जनता की प्रतिक्रिया

पैरामाटा नगर परिषद के कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि परिषद जैसी संस्था में पारदर्शिता, पेशेवर आचरण और कर्मचारियों की गोपनीयता का संरक्षण सर्वोपरि होना चाहिए।

स्थानीय नागरिकों और यूनियन प्रतिनिधियों ने भी कहा है कि कर्मचारियों के निजी जीवन से जुड़े सवाल उनके मनोबल और कार्यस्थल के वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं।