चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान सोमवार को उस समय और तेज हो गई, जब पार्टी ने पूर्व क्रिकेटर व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई “पार्टी विरोधी और अनुशासनहीन बयानबाज़ी” के चलते की गई है।
डॉ. नवजोत कौर ने दो दिन पहले मीडिया से बातचीत में कहा था कि यदि पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम फेस घोषित कर दे तो वे पूरी तरह सक्रिय होकर कांग्रेस को जीत दिला सकते हैं और पंजाब को "गोल्डन स्टेट" बना सकते हैं।
इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि,
“कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ की अटैची देने वालों को प्राथमिकता दी जाती है।”
उनका यह बयान राज्यपाल से मुलाकात के बाद सामने आया था, जिसे लेकर पंजाब कांग्रेस में भारी नाराजगी देखने को मिली।
डॉ. नवजोत कौर के बयान के बाद राजनीतिक पारा और चढ़ गया।
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए कई पैमाने हैं, जिनमें “सिख होना” भी एक अहम मापदंड है और इस कसौटी पर सिद्धू खरे उतरते हैं।
जाखड़ ने 2021 की घटना भी याद दिलाई, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद वे खुद सीएम पद की दौड़ में थे, मगर विरोध के चलते उनका नाम आगे नहीं बढ़ पाया था।
डॉ. कौर के निलंबन ने कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाज़ी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं और अगले चुनावी समीकरणों के बीच पार्टी पहले ही असहज स्थिति में है।
सिद्धू कैंप लगातार सक्रियता के संकेत दे रहा है, जबकि शीर्ष नेतृत्व अनुशासनहीनता पर सख्ती दिखाने के मूड में नजर आता है।