जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चोसोटी गांव में शुक्रवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। तेज बारिश और अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया, जिसमें अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
अस्पतालों में अफरातफरी
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे इलाज में जुटे हैं। बड़ी संख्या में घायल होने के कारण चिकित्सा संसाधनों पर दबाव बढ़ गया है और कई गंभीर मरीजों को उन्नत उपचार के लिए जम्मू रेफर किया गया है।
गांव में भारी तबाही
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बादल फटने के बाद कुछ ही मिनटों में पानी और मलबे का तेज बहाव घरों, खेतों और सड़कों को बहा ले गया। कई मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और बिजली व संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं।
मचैल माता यात्रा प्रभावित
किश्तवाड़ में मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा पर भी इसका असर पड़ा है। प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश जारी किए हैं और अगले आदेश तक यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।