कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित नए हेट स्पीच कानूनों को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। वन नेशन पार्टी की नेता Pauline Hanson ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री Anthony Albanese की सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी को गंभीर रूप से सीमित करने जा रही है। उनका दावा है कि इन कानूनों के तहत “ऑस्ट्रेलिया सबसे अच्छा देश है” जैसी बात कहना भी अपराध बन सकता है।
पॉलिन हैनसन ने कहा कि सरकार द्वारा लाए जा रहे ये प्रावधान “जल्दबाज़ी में” तैयार किए गए हैं और इनके ज़रिये आम नागरिकों की राय, संस्कृति और राष्ट्रीय गर्व व्यक्त करने का अधिकार छीना जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन कानूनों का इस्तेमाल आम लोगों के ख़िलाफ़ “हथियार” की तरह किया जा सकता है।
हैनसन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बुर्क़ा पर प्रतिबंध की बात करता है या आव्रजन नीति की आलोचना करता है, तो उसे भी अपराध माना जा सकता है, क्योंकि इससे किसी समुदाय को “डराने” या “अपमानित” करने का आरोप लगाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऑस्ट्रेलियाई झंडा फहराना या देश की श्रेष्ठता की बात करना भी “राष्ट्रीय मूल के आधार पर श्रेष्ठता फैलाने” की श्रेणी में आ जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता को कानून पर अपनी राय रखने के लिए बहुत कम समय दिया गया है, जबकि विधेयक की व्याख्या सैकड़ों पन्नों में है। “क्या आप राजनेताओं पर इतनी बड़ी शक्तियाँ सौंपने का भरोसा करते हैं?”—यह सवाल उठाते हुए उन्होंने लोगों से इस विधेयक का विरोध करने का आह्वान किया।
इस बीच, प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने विपक्ष के रुख़ पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि संसद को जल्दी बुलाने के बाद भी विपक्षी गठबंधन कानून का समर्थन करने से पीछे हट रहा है, जिससे सरकार को सीनेट में Greens का सहारा लेना पड़ सकता है।
विपक्ष की नेता Sussan Ley ने विधेयक को “अधूरा और अस्वीकार्य” बताया है। वहीं गृह मामलों के मंत्री Tony Burke ने विपक्ष पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद बुलाना “ख़राब कानून पास करने की छूट” नहीं है।
गौरतलब है कि हाल ही में बॉन्डी क्षेत्र में हुई त्रासदी के बाद सरकार ने नफ़रत फैलाने वाले भाषणों पर सख़्त क़ानून लाने की घोषणा की थी। लेकिन अब यही क़ानून देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम सामाजिक सुरक्षा की बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।