दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: एटीसी तकनीकी खराबी से 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित, यात्रियों को सलाह—एयरलाइन से संपर्क में रहें

दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: एटीसी तकनीकी खराबी से 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित, यात्रियों को सलाह—एयरलाइन से संपर्क में रहें

नई दिल्ली, 7 नवम्बर 2025 (शुक्रवार):
राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (IGI Airport) पर शुक्रवार सुबह अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण 100 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। हवाईअड्डा प्राधिकरण ने कहा है कि समस्या को दूर करने के लिए तकनीकी टीमें लगातार काम कर रही हैं और स्थिति को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा जारी बयान में कहा गया,

“एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी समस्या के चलते उड़ान परिचालन प्रभावित हो रहा है। सभी संबंधित विभाग—जिनमें दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) भी शामिल है—मिलकर समस्या को जल्द से जल्द हल करने में जुटे हैं।”

अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे नवीनतम उड़ान स्थिति जानने के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क बनाए रखें।

क्या है तकनीकी खराबी का कारण

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बताया कि यह व्यवधान ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई तकनीकी समस्या के कारण हुआ है, जो एटीसी डेटा प्रबंधन का अहम हिस्सा है।

“फिलहाल नियंत्रक (controllers) उड़ान योजनाओं को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है,” एएआई ने अपने बयान में कहा।

एयरलाइनों ने यात्रियों से क्या कहा

एयर इंडिया ने अपने बयान में बताया कि खराबी के कारण हवाईअड्डे और विमानों में प्रतीक्षा समय बढ़ गया है, लेकिन उनकी केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ यात्रियों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

“यह अप्रत्याशित तकनीकी समस्या हमारे नियंत्रण से बाहर है। हम यात्रियों से धैर्य और सहयोग की अपेक्षा करते हैं,” एयर इंडिया ने कहा।

लो-कॉस्ट कैरियर्स स्पाइसजेट और इंडिगो ने भी जानकारी दी कि दिल्ली सहित उत्तरी भारत के कई मार्गों पर उड़ानें प्रभावित हैं। दोनों एयरलाइनों ने कहा कि उनकी टीमें एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर परिचालन सामान्य करने में जुटी हैं।

कल भी हुआ था व्यवधान

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम को भी एटीसी सर्वर में तकनीकी दिक्कत आई थी, जिसके चलते लगभग 20 उड़ानें देर से रवाना हुईं। हालांकि, उस समय समस्या कुछ घंटों में ठीक कर ली गई थी।

जीपीएस स्पूफिंग ने भी बढ़ाई चिंता

दिल्ली एयरपोर्ट, जो प्रतिदिन लगभग 1,550 उड़ानें संभालता है, पिछले सप्ताह से बार-बार व्यवधान का सामना कर रहा है। हाल में संदिग्ध GPS स्पूफिंग घटनाओं ने कई उड़ानों के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित किया, जिससे कुछ उड़ानों को रूट बदलना पड़ा।

जीपीएस स्पूफिंग में नकली उपग्रह सिग्नल भेजकर विमान के नेविगेशन सिस्टम को भ्रमित किया जाता है, जिससे उड़ान की स्थिति या दिशा गलत दिखाई देती है। हाल तक यह घटनाएं केवल संघर्षग्रस्त क्षेत्रों तक सीमित थीं, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी इसका खतरा बढ़ गया है। पिछले महीने वियना से दिल्ली आ रही एक उड़ान को इसी कारण दुबई की ओर मोड़ना पड़ा था।

यात्रियों के लिए सलाह

दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाईअड्डे की ओर आने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क कर उड़ान की नवीनतम जानकारी लें और समय से पहले हवाईअड्डे न पहुंचे ताकि भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।