मेलबर्न/सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख सुरक्षा सेवा कंपनी MA सर्विसेज़ ग्रुप के मालिक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिक्की अहुजा पर महिला कर्मचारियों को अनुचित प्रस्ताव देने, यौन उत्पीड़न करने और नौकरी की असुरक्षा का फायदा उठाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कंपनी में कार्यरत कई महिलाओं का आरोप है कि अहुजा ने न सिर्फ उन्हें बार-बार सेक्स के लिए दबाव डाला, बल्कि पैसे की पेशकश तक की।
यह मामला अब एक बड़े कॉर्पोरेट और सामाजिक मुद्दे के रूप में उभर रहा है, जो बताता है कि पावर और कंट्रोल की स्थिति में बैठे लोग किस तरह कमजोर कर्मचारियों का शोषण कर सकते हैं।
सबसे प्रमुख शिकायत एक महिला कर्मचारी की ओर से आई है, जो एक अकेली माँ है और आर्थिक रूप से संघर्ष कर रही थी।
उसने बताया कि:
अहुजा ने उसे बार-बार अशोभनीय संदेश भेजे
सेक्स करने के बदले 1000 डॉलर की पेशकश की
जब उसने मना किया, तो उसे लगातार मैसेज कर परेशान किया
अहुजा ने कहा: “I asked a zillion times” (मैंने असंख्य बार पूछा)
महिला के अनुसार, यह सिर्फ पैसे का प्रस्ताव नहीं था, बल्कि उसके कमजोर हालात का फायदा उठाकर दबाव बनाने की कोशिश थी।
जांच में सामने आया है कि यह आरोप अकेली घटना नहीं है।
कई महिलाओं ने बताया:
अहुजा अक्सर देर रात संदेश भेजते थे
नौकरी खोने के डर से महिलाएँ शिकायत नहीं कर पाती थीं
कुछ कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें “अनुचित नज़दीकी” बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया
कई कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी में शिकायत दर्ज करने की कोई सुरक्षित प्रक्रिया नहीं थी, जिससे महिलाएँ खुलकर सामने नहीं आ सकीं।
MA सर्विसेज़ ग्रुप को पहले भी कई वजहों से जांच का सामना करना पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के भीतर मैनेजमेंट और एथिक्स से जुड़े मुद्दे लंबे समय से उठते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे सीईओ से जुड़ा होने के कारण दबाव और बढ़ गया है।
ऑस्ट्रेलियन एम्प्लॉयमेंट लॉ विशेषज्ञों का कहना है:
सेक्स के बदले पैसे की पेशकश यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है
पद का दुरुपयोग (Abuse of Power) एक गंभीर अपराध है
यदि आरोप साबित हुए, तो अहुजा के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल दोनों स्तर पर कार्रवाई हो सकती है
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना कंपनियों की कानूनी जिम्मेदारी है।
शिकायत करने वाली महिलाएँ कहती हैं कि उन्हें:
सुरक्षित वातावरण चाहिए
निष्पक्ष जांच चाहिए
जवाबदेही चाहिए
उनका कहना है कि “बड़े पद पर बैठे लोगों को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।”
MA सर्विसेज़ ग्रुप ने अभी तक आरोपों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी दबाव में हैं और आंतरिक बैठकें लगातार चल रही हैं।
यह मामला केवल एक कॉर्पोरेट स्कैंडल नहीं, बल्कि उन लाखों महिलाओं की कहानी जैसा है जो नौकरी की जरूरत के कारण उत्पीड़न सहने पर मजबूर होती हैं।
यह संकेत देता है कि:
कार्यस्थलों पर सेफ्टी प्रोटोकॉल मजबूत होने चाहिए
पावर mis-use पर सख्त कानून लागू किए जाएँ
हेड ऑफिस स्तर पर जेंडर सेंसिटिविटी ट्रेनिंग अनिवार्य हो