सिडनी।
बॉन्डी जंक्शन में हुए भीषण चाकूबाज़ी हमले के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाने वाली न्यू साउथ वेल्स पुलिस की इंस्पेक्टर एमी स्कॉट को एक दुर्लभ और आक्रामक स्तन कैंसर होने का पता चला है। इस खबर से पुलिस महकमे और पूरे देश में शोक और चिंता की लहर दौड़ गई है।
करीबी सहयोगियों को हाल ही में जब इंस्पेक्टर स्कॉट की ड्यूटी से अनुपस्थिति का पता चला था, तो उन्होंने सोचा था कि यह किसी निजी अवकाश या तनाव से उबरने के लिए लिया गया ब्रेक होगा। लेकिन सोमवार को एनएसडब्ल्यू पुलिस लेगेसी पेज पर साझा की गई जानकारी ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
‘एमी स्कॉट अपील’ नामक एक फंडरेज़र में बताया गया कि इंस्पेक्टर स्कॉट को स्तन कैंसर के एक दुर्लभ और तेजी से फैलने वाले रूप का निदान हुआ है। संदेश में कहा गया,
“हमारी प्रिय मित्र और सहयोगी एमी स्कॉट एक समर्पित पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ दो छोटे बच्चों की मां, एक स्नेही पत्नी और अपने परिवार का मजबूत सहारा हैं।”
संदेश में आगे लिखा गया कि एमी को जानने वाला हर व्यक्ति उन्हें निस्वार्थ, दयालु और असाधारण इंसान के रूप में जानता है। वह हमेशा दूसरों के लिए खड़ी रहने वाली और साहस की मिसाल रही हैं।
हालांकि इंस्पेक्टर स्कॉट को उनके परिवार, मित्रों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिल रहा है, लेकिन उनके सामने एक लंबा और कठिन इलाज का रास्ता है। इस फंडरेज़र का उद्देश्य उनके और उनके परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना बताया गया है।
यह खबर उस ऐतिहासिक घटना के लगभग दो साल बाद सामने आई है, जिसने इंस्पेक्टर स्कॉट को राष्ट्रीय पहचान दिलाई थी। 13 अप्रैल 2024 को बॉन्डी जंक्शन शॉपिंग सेंटर में हुए सामूहिक चाकूबाज़ी हमले के दौरान उन्होंने अकेले ही हमलावर का सामना किया था। हमले में छह लोगों की मौत हो चुकी थी और एक शिशु सहित कई लोग घायल थे।
ड्यूटी पर अकेली मौजूद इंस्पेक्टर स्कॉट ने जानलेवा खतरे के बावजूद आगे बढ़कर हमलावर को रोका और तीन गोलियां चलाकर हमले को समाप्त किया। उनकी इस बहादुरी को कई ज़िंदगियाँ बचाने का श्रेय दिया गया।
कोरोनियल जांच के दौरान दिए गए बयान में उन्होंने उस पल को याद करते हुए कहा था कि दौड़ते समय उन्हें लगा था कि शायद वह बच नहीं पाएंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि गोली चलाते समय उनके दिमाग में सिर्फ यही था कि अगर वह नहीं रोकतीं तो हमलावर उन्हें मार देता।
उस दिन दिखाई गई बहादुरी ने उन्हें एक राष्ट्रीय नायिका बना दिया। आज वही नायिका कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। देशभर से लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं और उन्हें उसी साहस के साथ इस लड़ाई को जीतने की उम्मीद जता रहे हैं, जिस साहस से उन्होंने दूसरों की जान बचाई थी।