बॉन्डी हमले में यहूदियों की जान बचाने वाले अहमद अल अहमद को अरब दुनिया में ‘गद्दार’ कहा गया

बॉन्डी हमले में यहूदियों की जान बचाने वाले अहमद अल अहमद को अरब दुनिया में ‘गद्दार’ कहा गया

सिडनी | 19 दिसंबर 2025

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के दौरान यहूदी परिवारों की जान बचाने वाले अहमद अल अहमद को जहां ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय नायक के रूप में सराहा जा रहा है, वहीं अरब दुनिया के कुछ हिस्सों में उन्हें “गद्दार” कहकर निशाना बनाया जा रहा है।

फिलिस्तीनी समाचार मंच रामल्लाह न्यूज़ ने जब अहमद अल अहमद की बहादुरी की कहानी फेसबुक पर साझा की, तो सैकड़ों टिप्पणियों में से अधिकांश नकारात्मक और घृणास्पद थीं। कई यूज़र्स ने उन्हें यहूदियों की मदद करने के लिए “विश्वासघाती” बताया, जबकि कुछ ने उनके घायल होने पर भी अपशब्द और बददुआएँ दीं।

फिलिस्तीनी मीडिया वॉच के वरिष्ठ शोधकर्ता एहरोन शापिरो के अनुसार, पोस्ट पर आई लगभग 75 प्रतिशत टिप्पणियाँ नकारात्मक थीं। रामल्लाह न्यूज़ के लाखों फॉलोअर्स हैं और यह फिलिस्तीन के प्रमुख डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स में से एक है।


आतंकी को निहत्था कर बचाई कई जिंदगियाँ

42 वर्षीय अहमद अल अहमद, जो सिडनी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में एक तंबाकू की दुकान के मालिक हैं, ने हमले के दौरान अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने लंबे हथियार से गोली चला रहे आतंकी साजिद अकरम पर झपट्टा मारा और उसकी राइफल छीन ली।

इस दौरान अहमद को दो गोलियाँ लगीं, लेकिन उनकी तत्परता के कारण कई निर्दोष लोगों की जान बच गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें देशभर में हीरो के रूप में सराहा गया।


2.5 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता राशि

अहमद अल अहमद की बहादुरी के सम्मान में एक क्राउडफंडिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत 43,000 से अधिक लोगों ने दान किया। उन्हें कुल 25 लाख 33 हजार 585 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 14 करोड़ रुपये) का चेक सौंपा गया।

यह चेक उन्हें प्रसिद्ध वैश्विक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जैकरी डेरेनियोव्स्की द्वारा दिया गया। इस फंड में अमेरिकी अरबपति बिल एकमैन ने भी अधिकतम राशि का योगदान दिया।


“मैंने दिल से किया” – अहमद अल अहमद

दान मिलने पर अहमद भावुक हो गए। उन्होंने कहा,

“मैंने यह सब दिल से किया। उस दिन लोग अपने बच्चों और परिवारों के साथ खुशी मना रहे थे। उन्हें सुरक्षित रहना चाहिए था, यह उनका अधिकार है।

हमें इंसानियत के साथ खड़ा होना चाहिए और एक-दूसरे की जान बचानी चाहिए।”

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को “दुनिया का सबसे बेहतरीन देश” बताते हुए कहा,
“गॉड प्रोटेक्ट ऑस्ट्रेलिया। ऑसी, ऑसी, ऑसी।”


हमले में भारी जनहानि

यह हमला रविवार शाम को हुआ, जब बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन का कार्यक्रम चल रहा था और करीब 1000 लोग मौजूद थे

इस ISIS-प्रेरित आतंकी हमले में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 41 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में बच्चे, बुज़ुर्ग और समुदाय के सम्मानित सदस्य शामिल हैं।

घायल होने वाले दो न्यू साउथ वेल्स पुलिसकर्मी भी हैं, जिनमें से एक की आंख चली गई। पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए गोफंडमी पर कुल मिलाकर करीब 50 लाख डॉलर जुटाए जा चुके हैं।


इंसानियत की मिसाल

जहां कुछ कट्टरपंथी समूह अहमद अल अहमद को नफरत का निशाना बना रहे हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के कई हिस्सों में उन्हें इंसानियत, साहस और मानवता की मिसाल माना जा रहा है।

उनकी कहानी यह संदेश देती है कि धर्म, नस्ल और पहचान से ऊपर इंसानी जान की रक्षा सबसे बड़ा कर्तव्य है।