कैनबरा / सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध बोंडी बीच पर हनुक्का पर्व के अवसर पर हुए भीषण आतंकी हमले को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने “बुराई का कृत्य” और देश के लिए “एक काला दिन” बताया है। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हमलावरों में से एक भी शामिल है। घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने देर रात कैनबरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह हमला विशेष रूप से यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था। उन्होंने कहा,
“हनुक्का खुशी और आस्था का पर्व है, लेकिन इस पवित्र दिन पर यहूदियों के खिलाफ की गई हिंसा एक घृणित आतंकी कृत्य और यहूदी-विरोधी मानसिकता का प्रतीक है। यह हमला केवल यहूदी ऑस्ट्रेलियाइयों पर नहीं, बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया पर हमला है।”
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और देश एकजुट होकर इस संकट से उबरेगा। उन्होंने घटना के दौरान आम नागरिकों द्वारा दिखाए गए साहस की भी सराहना की।
आतंकी खतरे का स्तर नहीं बढ़ाया गया
ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी ASIO के प्रमुख माइक बर्गेस ने बताया कि इस भयावह घटना के बावजूद देश का आधिकारिक आतंकी खतरा स्तर “प्रोबेबल” (संभावित) पर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कहीं समुदाय में ऐसे और लोग तो नहीं हैं जिनकी मंशा इसी तरह की हिंसा की हो।
जांच तेज, सभी एजेंसियां सक्रिय
न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने घटना को औपचारिक रूप से आतंकी हमला घोषित किया है। एनएसडब्ल्यू पुलिस और ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) के साथ ASIO संयुक्त रूप से जांच में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से हथियार और एक संदिग्ध विस्फोटक से भरा वाहन भी बरामद किया गया है।
एनएसडब्ल्यू पुलिस आयुक्त ने कहा कि यहूदी समुदाय को सुरक्षित महसूस कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय किसी पर आरोप लगाने या उंगलियां उठाने का वक्त नहीं है, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकना प्राथमिकता है।
राष्ट्रीय एकता का आह्वान
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने देशवासियों से शांति, एकता और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा,
“नफरत और आतंक के लिए हमारे देश में कोई जगह नहीं है। इस अंधेरे समय में हम सभी एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।”
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे ऑस्ट्रेलिया में शोक की लहर है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।