मुंबई। अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत को उनकी फिल्म ‘मणिकर्णिका रिटर्न्स: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ से जुड़े विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कंगना द्वारा दायर याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी।
यह मामला वर्ष 2021 में दर्ज उस एफआईआर से संबंधित है, जिसमें लेखक आशीष कौल ने कंगना पर उनकी पुस्तक की सामग्री का बिना अनुमति उपयोग करने का आरोप लगाया था। लेखक का कहना था कि उनकी किताब के कुछ हिस्सों को फिल्म की कहानी में शामिल किया गया, जिसके लिए उनसे किसी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई।
बताया जाता है कि आशीष कौल ने सबसे पहले मजिस्ट्रेट अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्देश पर मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए चार्जशीट भी दाखिल की।
कंगना रनौत ने इस एफआईआर और उससे जुड़ी कार्यवाही को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, इस आदेश के साथ यह भी स्पष्ट है कि मामले की सुनवाई संबंधित निचली अदालत में जारी रहेगी।
गौरतलब है कि ‘मणिकर्णिका रिटर्न्स: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ कंगना की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। यह फिल्म कश्मीर की ऐतिहासिक शासक रानी दिद्दा के जीवन पर आधारित बताई जाती है। इससे पहले भी कंगना की फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ चर्चा में रही थी।
हाई कोर्ट के इस फैसले को कंगना के लिए आंशिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें निचली अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।