ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख क्षेत्रीय वित्तीय संस्थान बेंडिगो बैंक ने एक बार फिर बड़ी संख्या में नौकरियों में कटौती का ऐलान किया है। बैंक की नई पुनर्गठन योजना (restructure) के तहत तकनीकी विभाग (टेक्नोलॉजी डिवीजन) की 145 भूमिकाएँ समाप्त होने की आशंका जताई गई है। इस कदम से कर्मचारियों में गहरी चिंता फैल गई है और ग्राहकों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
फाइनेंस सेक्टर यूनियन (FSU) ने बैंक के फैसले को तीखे शब्दों में आड़े हाथों लिया है। यूनियन की राष्ट्रीय सचिव जूलिया एंग्रिसानो ने कहा –
“पूरे बैंकिंग सेक्टर में कर्मचारियों से कम साधनों में अधिक काम करवाया जा रहा है। कर्मचारी हर दिन अपनी नौकरी खोने की चिंता में जी रहे हैं। बेंडिगो बैंक की पाँच वर्षीय रणनीति असल में नौकरियाँ खत्म करने का खाका बन गई है। कर्मचारी और ग्राहक, दोनों ही बेहतर व्यवहार और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं।”
यूनियन ने चेतावनी दी कि इस तरह की लगातार छंटनी और शाखाओं का बंद होना ग्रामीण और क्षेत्रीय समुदायों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालेगा।
नौकरी कटौती के साथ-साथ बैंक ने तीन राज्यों में अपनी 10 शाखाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। इस कदम से पाँच छोटे क्षेत्रीय कस्बों में किसी भी प्रकार की बैंकिंग या वित्तीय सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
स्थानीय समुदायों का कहना है कि बैंक का यह कदम उन्हें पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों पर निर्भर बना देगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या पहले से ही गंभीर है।
बैंक ने हाल ही में जारी अपने वार्षिक वित्तीय नतीजों में 514.6 मिलियन डॉलर का लाभ दर्ज किया, जो कि पिछले साल की तुलना में 8.4 प्रतिशत कम है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि लाभ में गिरावट का बहाना बनाकर बैंक अपने खर्चों में कटौती कर रहा है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कीमत कर्मचारियों और ग्राहकों को चुकानी पड़ रही है।
बेंडिगो बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संस्थान लगातार अपने संचालन की समीक्षा करता है ताकि नवाचार (innovation) में निवेश किया जा सके और ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
बैंक के प्रवक्ता ने कहा –
“हम उत्पादकता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए नई कार्य प्रणालियों की तलाश कर रहे हैं। जहाँ भी परिवर्तन होंगे, वहाँ कर्मचारियों से परामर्श लिया जाएगा और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह छंटनी और शाखा बंद करने की प्रक्रिया आने वाले समय में और तेज हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया में कई अन्य बैंक और वित्तीय संस्थाएँ पहले ही लागत घटाने और डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता देने के नाम पर बड़े पैमाने पर नौकरियाँ काट चुकी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रुझान जारी रहा, तो क्षेत्रीय और ग्रामीण समुदायों के लिए बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच और मुश्किल हो जाएगी।