इस्लामाबाद/क्वेटा।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंचती दिख रही है। अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने ‘ऑपरेशन हेरोफ–II’ के तहत प्रांत के 14 शहरों में एक साथ 76 हमले किए हैं। संगठन का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना और अन्य सुरक्षा बलों के कुल 362 जवान मारे गए हैं।
BLA की ओर से जारी एक विस्तृत बयान में कहा गया है कि यह अभियान कई चरणों में चलाया गया, जिसमें सैन्य काफिलों, चेकपोस्टों, खुफिया ठिकानों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि हमलों की योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी और इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया गया है।
उग्रवादी संगठन ने अपने बयान में सीधे तौर पर जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अभियान “बलूचिस्तान में सैन्य अभियानों का जवाब” है। BLA का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बलूच नागरिकों पर अत्याचार कर रही है, जिसके विरोध में यह कार्रवाई की गई।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना की ओर से BLA के दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सैन्य प्रवक्ता ने केवल इतना स्वीकार किया है कि बलूचिस्तान के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच झड़पें हुई हैं। हताहतों की संख्या को लेकर सेना ने किसी भी आंकड़े की पुष्टि से इनकार किया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से उग्रवादी गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अलगाववादी संगठन न केवल सुरक्षा बलों, बल्कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़ी परियोजनाओं और चीनी नागरिकों को भी निशाना बनाते रहे हैं। इससे पाकिस्तान सरकार के सामने आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
घटना के बाद बलूचिस्तान के कई संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सैन्य और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, वहीं प्रमुख सड़कों और शहरों में तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि वह हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और उग्रवाद से सख्ती से निपटा जाएगा।