एमसीजी पिच विवाद: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर दोहरे मापदंडों का आरोप

एमसीजी पिच विवाद: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर दोहरे मापदंडों का आरोप

मेलबर्न।
बॉक्सिंग डे टेस्ट में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) की पिच को लेकर मचे बवाल के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। टेस्ट महज़ दो दिन के भीतर समाप्त हो गया, जिसमें इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर 14 वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की।

इस मुकाबले में दोनों पारियों को मिलाकर 80 ओवरों के भीतर ऑस्ट्रेलिया की टीम ढेर हो गई। खतरनाक और असंतुलित पिच को लेकर क्रिकेट जगत के दिग्गजों, पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

इंग्लैंड के कप्तान Ben Stokes ने कहा कि यदि ऐसी पिच दुनिया के किसी अन्य देश में तैयार की जाती, तो भारी विरोध होता।
स्टोक्स ने कहा, “अगर यह कहीं और होता, तो बवाल मच जाता। टेस्ट क्रिकेट पाँच दिन का खेल है, लेकिन ऐसी पिच खेल की भावना के खिलाफ है।”

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान Steve Smith ने भी पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। वहीं एमसीजी के क्यूरेटर मैट पेज को मीडिया के सामने आकर विकेट की स्थिति पर सफाई देनी पड़ी।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर रिचर्ड केटलबोरो से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट ने इसे “पाखंडियों को आईना दिखाने” जैसा बताया। पोस्ट में कहा गया कि यदि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका या बांग्लादेश में ऐसी पिच होती, तो वही आवाज़ें सबसे पहले विरोध करतीं।

क्रिकेट विश्लेषकों ने भारत दौरों का भी ज़िक्र किया, जहाँ पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने स्पिन-अनुकूल पिचों की कड़ी आलोचना की थी। 2023 में भारत दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया के 109 रन पर ढेर होने के बाद हालात को “खराब” बताया गया था। अब वही आलोचना ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों पर लौट आई है।

इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी केविन पीटरसन ने इसे “टेस्ट क्रिकेट का अपमान” बताया, जबकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ आकाश चोपड़ा ने कहा कि डेढ़ दिन में एक भी ओवर स्पिन न होना और इतने विकेट गिरना, दोहरे मापदंडों को उजागर करता है।

मार्क वॉ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संतुलन पूरी तरह गेंदबाज़ों के पक्ष में चला गया है। वहीं एलिस्टर कुक और माइकल वॉन ने इसे “अनुचित मुकाबला” करार दिया। वॉन ने चेतावनी दी कि ऐसी पिचें टेस्ट क्रिकेट को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

क्रिकविज़ की पिचविज़ रेटिंग में इस टेस्ट को 10 में से 8.9 अंक मिले हैं, जो 2006 के बाद ऑस्ट्रेलिया में सबसे कठिन बल्लेबाज़ी परिस्थितियों को दर्शाता है।

अब सारा दबाव सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) के ग्राउंड स्टाफ पर है, जहाँ 4 जनवरी से शुरू होने वाले अगले टेस्ट में कम से कम तीन दिन का खेल सुनिश्चित करने की चुनौती होगी। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इस आलोचना से सबक ले पाता है या नहीं।