सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में वर्क-फ्रॉम-होम कर रहे कर्मचारियों की दफ़्तर वापसी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। मज़दूर यूनियन ने मांग की है कि नियोक्ता यदि किसी कर्मचारी को घर से काम की सुविधा समाप्त कर ऑफिस बुलाना चाहते हैं, तो उन्हें कम से कम छह महीने पहले नोटिस देना ज़रूरी होना चाहिए।
कोविड-19 महामारी के बाद बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। कई कंपनियों ने इसे स्थायी नीति के रूप में अपनाया था। लेकिन अब जब कंपनियाँ धीरे-धीरे कर्मचारियों को वापस दफ़्तर बुलाने की कोशिश कर रही हैं, तो यूनियन का कहना है कि यह बदलाव अचानक और बिना सहमति थोपना कर्मचारियों पर बोझ डाल सकता है।
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने बीते वर्षों में अपना जीवन वर्क-फ्रॉम-होम की सुविधा के अनुरूप ढाल लिया है। अचानक ऑफिस बुलाने से उनकी पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ, बच्चों की देखभाल और यात्रा संबंधी व्यवस्थाएँ प्रभावित होंगी। इसलिए छह महीने की पूर्व सूचना आवश्यक है ताकि कर्मचारी पर्याप्त तैयारी कर सकें।
यदि यह नियम लागू होता है, तो कंपनियों को कर्मचारियों को दफ़्तर बुलाने से पहले विस्तृत योजना और स्पष्ट सूचना जारी करनी होगी। यूनियन का मानना है कि इससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच भरोसा और पारदर्शिता बनी रहेगी।
सरकार और उद्योग संगठनों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। विश्लेषकों का कहना है कि यह नियम लागू होने पर ऑस्ट्रेलिया की कॉर्पोरेट संस्कृति और कार्य व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।