सिडनी/कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ फिलीस्तीन को औपचारिक मान्यता देने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को असहज कर सकता है, लेकिन इज़राइली आम जनता के बीच इसे लेकर उतनी नाराजगी नहीं मानी जा रही।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार पारंपरिक रूप से इज़राइल की करीबी मानी जाती रही है, लेकिन हाल के महीनों में गाज़ा में बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इज़राइली सेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाइयों और फिलीस्तीनी नागरिकों के प्रति दिखाए गए बेरुखे रुख ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना को जन्म दिया है।
प्रधानमंत्री अल्बनीज़ के करीबी सूत्रों के अनुसार, सरकार अब इस मुद्दे पर "न्याय और शांति" के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए नीतिगत बदलाव पर विचार कर रही है। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने पहले भी दो-राष्ट्र समाधान को लेकर समर्थन जताया था।
नेतन्याहू की तीखी प्रतिक्रिया संभव
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ऑस्ट्रेलिया के इस संभावित फैसले से नाराज हो सकते हैं। वह पहले ही कई देशों की फिलीस्तीन मान्यता की कोशिशों पर कड़ा रुख अपना चुके हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइली आम जनता का बड़ा तबका शांति और दो-राष्ट्र समाधान के पक्ष में है और वह इस तरह की पहल को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानता।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ रहा
इस बीच, नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन जैसे कई यूरोपीय देश पहले ही फिलीस्तीन को मान्यता देने की दिशा में बढ़ चुके हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का यह कदम उसे एक जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में स्थापित कर सकता है।